ग्रेट विलन अमरीश पूरी |Amrish Puri Biography in Hindi

Amrish Puri Biography in hindi

Amrish Puri Biography in Hindi :-  Bollywood में नकारात्मक भूमिका निभाने वाले ना जाने कितने आये और  चले गये परंतु अमरीश पूरी जी अपनी एक अलग ही छाप छोड़ गये, जो हिन्दी सिनेमा में आज भी ज़िंदा हैं।

  हिंदी सिनेमा के मशहूर विलेन कहे जाने वाले दिवंगत अमरीश पुरी  किसी परिचय के मोहताज़  नहीं  । गब्बर के बाद अगर कोई विलेन है तो वो हैं मोगैम्बो यानी अमरीश पुरी, उनमें इतनी कमाल की काबिलियत थी कि वह जो रोल निभाते थे वो अर्थपूर्ण हो जाता था।

मिस्टर इंडिया में मोगैंबो के रोल में उन्हें देखकर अगर आप उनसे नफरत करते थे तो उन्होंने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में सिमरन के पिता बनकर सबके दिलों को छू लिया ।

Amarish Puri हर किरदार में एक आदर्श अभिनेता थे।  एक पिता, दोस्त और खलनायक के रूप में तीनों किरदारों पर उनकी पकड़ ने उन्हें एक महान कलाकार बना दिया।  हिंदी सिनेमा  इस महान अभिनेता के बिना अधूरा ही रहेगा।

Amrish Puri: जीवनी इन हिन्दी

पूरा नाम अमरीश लाल पुरी
राष्ट्रीयता  भारतीय
जन्म 22 जून 1932
जन्मस्थान नवांशहर (पंजाब)
मृत्यु 12 जनवरी 2005
शिक्षा एबीएम कॉलेज, शिमला,हिमाचल प्रदेश बीएम कॉलेज
 
शैक्षिक योग्यता-स्नातक
व्यवसाय अभिनेता
शौक / रुचि – भारतीय शास्त्रीय संगीत सुनना, यात्रा करना, कैप्स इकट्ठा करना ।
पसंदीदा फिल्म- निर्माता     
  
 
सुभाष घई
पसंदीदा संगीत निर्देशक      एसडी बर्मन, आरडी बर्मन
*पसंदीदा संगीत निर्देशक के.एल.  सहगल और किशोर कुमार
|Amrish Puri Biography in Hindi

Amrish Puri: Family

अभिनेता अमरीश पुरी का जन्म 22 जून 1932 को पंजाब में हुआ था। उनके पिता का नाम लाला निहाल सिंह और माता का नाम वेद कौर था। उनके चार भाई-बहन थे।

जिनके नाम चमन पुरी, मदन पुरी और बड़ी बहन चंद्रकांता और उनके छोटे भाई हरीश पुरी हैं। और उनकी पत्नी का नाम उर्मिला दिवेकर, उनके दो बच्चे लड़का राजीव और लड़की नम्रता है

Amrish Puri: Education 

उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पंजाब से की।  इसके बाद वह पढ़ाई के लिए शिमला चले गये।  बी एम से पढ़ाई करने के बाद  

अमरीश पुरी जी ने अभिनय की दुनिया में कदम रखा।  शुरुआत में उन्होंने थिएटर Join किया और बाद में फिल्मों की ओर रुख किया।  उन्हें रंगमंच से बड़ा लगाव था।  

आपको बता दें कि एक समय था जब अटल बिहारी वाजपेयी और स्वर्गीय श्री.  इंदिरा गांधी जैसी हस्तियां उनके नाटकों को देखा करती थीं।  

1961 में पद्म विभूषण थिएटर कलाकार अब्राहम अल्काज़ी के साथ उनकी ऐतिहासिक मुलाकात ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी और बाद में वे भारतीय रंगमंच के एक प्रसिद्ध कलाकार बन गए।

Amarish Puri:  Career 

  Amrish Puri Biography in Hindi

Amrish Puri जी  ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1960 के दशक में थिएटर की दुनिया से की थी।  उन्होंने सत्यदेव दुबे और गिरीश कर्नाड द्वारा लिखित नाटकों में अभिनय किया।  

1979 में, उन्हें मंच पर उनके प्रदर्शन के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो उनके अभिनय करियर का पहला बड़ा पुरस्कार था।

 अमरीश पुरी जी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1971 से की थी, उनकी पहली फिल्म प्रेम पुजारी थी।  अमरीश पुरी जी को हिंदी सिनेमा में खुद को स्थापित करने में कुछ समय लगा, लेकिन फिर सफलता उनके पैर चूमने लगी।  

1980 के दशक में उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में विलेन के तौर पर अपनी पहचान बनाई।  उन्होंने 1987 में शेखर कपूर की फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में “मोगैंबो” की भूमिका से सभी के दिलों में अपनी छाप छोड़ी। 

1990 के दशक में उन्होंने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ घायल और ‘विरासत’ में अपनी सकारात्मक भूमिका से सभी का दिल जीत लिया।

अमरीश पुरी जी ने हिंदी के अलावा कन्नड़, पंजाबी, मलयालम, तेलुगु और तमिल फिल्मों और हॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया था।  उन्होंने अपने पूरे करियर में 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।  

अमरीश पुरी के अभिनय से सजी कुछ प्रसिद्ध फिल्मों में निशांत, गांधी, कुली, नगीना, राम लखन, त्रिदेव, फूल और कांटे, विश्वात्मा, दामिनी, करण अर्जुन, कोयला आदि शामिल हैं। दर्शक उनकी खलनायक भूमिकाओं को देखने के लिए बहुत उत्साहित रह्ते थे। 

 अमरीश पुरी जी के जीवन की आखिरी फिल्म किसान थी जो उनकी मृत्यु के बाद वर्ष 2005 में रिलीज हुई थी।  उन्होंने कई विदेशी फिल्मों में भी अभिनय किया।  उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म ‘गांधी’ में ‘खान’ की भूमिका निभाई, जिसके लिए उनकी काफी प्रशंसा हुई।  

अमरीश पुरी का 12 जनवरी 2005 को 72 वर्ष की आयु में ब्रेन ट्यूमर के कारण निधन हो गया।  उनके आकस्मिक निधन से बॉलीवुड जगत के साथ-साथ पूरा देश शोक में डूब गया।  अमरीश पुरी जी आज इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी यादें आज भी फिल्मों के जरिए हमारे दिलों में बसी हैं।

 Amarish Puri: Awards

Amrish Puri Biography in Hindi

वर्ष 1979 : रंगमंच के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार।
वर्ष 1986: ‘मेरी जंग’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।
वर्ष1994 : उन्हें सिडनी फिल्म समारोह में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार और “सूरज का सातवां घोड़ा” के लिए सिंगापुर अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह से सम्मानित किया गया।
वर्ष 1997 :उन्हें फिल्म ‘घातक’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
वर्ष 1998 : उन्हें फिल्म विरासत’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
वर्ष 2000: सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए कलाकार पुरस्कार से सम्मानित।
Amrish Puri Biography in Hindi

 Amarish Puri: कुछ रोचक तथ्य

Amrish Puri Biography in Hindi

1उनका जन्म पंजाब के नवांशहर में एक पंजाबी परिवार में हुआ था।
2उनके 4 भाई थे – दो बड़े भाई, 1 बड़ी बहन और 1 छोटा भाई।
3उनके बड़े भाई चमन पुरी और मदन पुरी भी अभिनेता थे।
4उन्हें व्यायाम का बहुत शौक था। अपने दैनिक अभ्यास को हमेशा कायम रखा।
5उन्हें अपनी दिनचर्या में अखबार पढ़ना बहुत पसंद था।
6अमरीश पुरी ,बी.एम. ( शिमला) कॉलेज से स्नातक होने के बाद, अपने अभिनय करियर को आगे बढ़ाने के लिए  मुंबई  चले गए।
7वह अपने  पहले स्क्रीन टेस्ट में  फेल हो गये।  बाद में, उन्होंने कर्मचारी राज्य बीमा निगम, श्रम और रोजगार मंत्रालय (ESIC) में काम करना शुरू किया।
8इब्राहिम अल्काज़ी  से वे वर्ष 1961 में थिएटर में मिले थे।
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अमरीश पुरी ने पृथ्वी थिएटर में सत्यदेव दुबे के नाटकों में अभिनय करना शुरू किया।
10वे सत्यदेव दुबे के सहायक बने और एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि वे सत्यदेव दुबे को अपना गुरु मानते हैं।
11उन्होंने 40 साल की उम्र में फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था।
12उन्हें पहली बार फिल्म हम पांच (1980) में देखा गया था।
13उन्हें हमेशा से थिएटर से बहुत लगाव था, एक बार उन्होंने कहा था कि, मैं अब भी थिएटर करता हूं।  आमतौर पर लोग थिएटर को पहले पड़ाव के रूप में इस्तेमाल करते हैं और बाद में फिल्मों में काम करने के बाद थिएटर की ओर मुड़कर नहीं देखते, फिर भी मैं थिएटर करता हूं, क्योंकि इससे मुझे अब भी काफी संतुष्टि मिलती है।  उनके द्वारा रंगमंच एक ऐसा मंच है जो अभिनेता के अभिनय को प्रोत्साहित या क्षणिक रूप से अस्वीकार करता है।  यह मंच अभिनय में रचनात्मक संतुष्टि प्रदान करता है।
14अपनी कर्कश आवाज और तीखे हाव-भाव से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई।
15अमरीश पुरी ने 6० से अधिक लंबे नाटक किए, जिसमें उन्होंने आधे-अधूरे नाटक में ५ भूमिकाएँ निभाईं – पति, प्रेमी, पत्नी का मालिक और दो अन्य पात्र।
16आखिरकार अमरीश पुरी मशहूर थिएटर आर्टिस्ट बन गए।  जिसके कारण उन्हें थिएटर में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए वर्ष 1979 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
17स्टीवन स्पीलबर्ग की हॉलीवुड फिल्म इंडियाना जोन्स एंड टेंपल ऑफ डूम (1984) में उन्होंने मोला राम की भूमिका निभाई।
18यह उनकी पहली फिल्म इंडियाना जोन्स थी, जिसमें उन्होंने खुद को शेव किया था।
Amrish Puri Biography in Hindi

निष्कर्ष (Conclusion)

 दिवंगत अभिनेता अमरीश पूरी जी , हिन्दी सिनेमा के ना केवल एक जाने माने अभिनेता थे बल्कि एक शानदार शख्सियत भी थे। सदियों तक हर दिल में  राज़ करते रहेंगे, चाहे हमारे बीच अब ना हो । 

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