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ATM Full Form in Hindi,Inventor,Types,Use

by Manish Sharma
ATM Full Form in Hindi

ATM Full Form in Hindi ,Inventor,Types,Use

दोस्तो आप में से कई लोग ऐसे होंगे जो यह सोचते होंगे की एटीएम का पूरा मतलब (ATM Full Form in Hindi) क्या होता है,एटीएम कितने प्रकार की होती है (Types of ATM), एटीएम के फायदे क्या है (Advantage of ATM),एटीएम का आविष्कार किसने किया (Who invented ATM) जैसे सवाल उत्पन्न होते हैं और अगर आप भी ATM से जुड़े इन सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें।

ATM का पूरा मतलब (ATM Full Form in Hindi):

अगर ATM की फूल फॉर्म की बात की जाए तो वो “ऑटोमेटेड टेलर मशीन” (Automated Teller Machines) होता है।

ATM क्या है? What is ATM in Hindi?

ATM एक इलेक्ट्रॉनिक टेलीकम्युनिकेशन मशीन है जिसका इस्तेमाल पैसे निकालने के लिए, डिपॉजिट करने के लिए, पैसे ट्रांसफर करने के लिए, बैलेंस चेक करने के लिए और बैंक से जुड़ी अन्य सेवाओं का उपयोग करने के लिए किया जाता है। ATM एक ऐसी मशीन है जिसने पूरे बैंकिंग सिस्टम को ही बदल दिया है और उसे बहुत ही आसान और सुविधाजनक भी बना दिया है। ATM मशीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह फुल्ली  आटोमेटिक (Fully Automatic) होती है यानी इसको चलाने के लिए किसी कर्मचारी की जरूरत नहीं होती है।

ATM कार्ड प्लास्टिक से बना एक कार्ड होता है जिसके माध्यम से हुई हम अपने अकाउंट तक पहुंचते हैं। ATM कार्ड के ऊपर एक मैग्नेटिक स्ट्रिप (Magnetic Strip) लगी होती है जिस पर अकाउंट होल्डर (Account Holder) की जानकारी Encoded होती है। इसी मैग्नेटिक स्ट्रिप (Magnetic Strip) में एक आईडेंटिफिकेशन कोड (Identification Code) होता है जोकि बैंक के सेंट्रल कंप्यूटर (Central Computer) पर वहां लगे एक मॉडेम (Modem) द्वारा प्रदर्शित होता है। अकाउंट होल्डर (Account Holder) अपने बैंक अकाउंट तक पहुंचने के लिए और लेनदेन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए ATM कार्ड को ATM मशीन में डालते हैं। इसी तरह लेनदेन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को पूरा किया जाता है।

ATM मशीन का आविष्कार किसने किया? Who invented ATM Machine?

ऑटोमेटेड टेलर मशीन (ATM) की शुरुआत 27 जून 1967 को लंदन से हुई थी। 27 जून को लंदन के इनफील्ड कस्बे में पहली बार यह मशीन लगाई गई थी। सबसे पहले इस मशीन को बार्कलेज बैंक (Barclays Bank) ने अपनी ब्रांच में लगाया था।

इसे जॉन शेफर्ड बेर्रोन (John Shepherd-Barron) और उनकी टीम ने मिलकर तैयार किया था। इससे पहले जॉन शेफर्ड बेर्रोन (John Shepherd-Barron) ने एक ब्रिटिश पेंटिंग मशीन कम्पनी डे लारो में काम करते हुए पहली बार ऑटोमेटेड कैश सिस्टम मशीन तैयार की थी। अपने दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था उन्हें एटीएम मशीन बनाने की प्रेरणा चॉकलेट बेंडिंग मशीन से मिली।

जॉन शेफर्ड बेर्रोन (John Shepherd-Barron) का जन्म 23 जून 1925 को मेघालय के शिलांग में हुआ था जबकि उनकी मृत्यु साल 2010 में स्कॉटलैंड (Scotland) में हुई थी।

ATM के प्रकार (Types of ATM in Hindi):

Banks Own ATM : बैंक्स ऑन एटीएम का मतलब क्या है कि यह बैंक का खुद का एटीएम होता है यानी इसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक की होती है जैसे इसके इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाना, इसमें सिक्योरिटी गार्ड रखना,एटीएम मशीन में पैसे जमा करना और सबसे खास बात यह होती है कि यहां वो लोगो (Logo) लगा होता है जिस बैंक का एटीएम हो। इस तरह के ATM द्वारा बैंक के डेटाबेस को 24 घंटों तक जोड़ा जा सकता है यानी यह 24 घंटे काम कर सकती है और इस ATM के द्वारा आप अपने खाते में मौजूद शेष राशि से ज्यादा एक पैसा भी निकाल सकते हैं।

White Label ATM : व्हाइट लेबल एटीएम की खासियत यह है कि इसका जो लोगो (Logo) होता है वह पूरी तरह ब्लैंक (Blank) होता है इसलिए इसे व्हाइट लेबल एटीएम कहते हैं। इसमें किसी भी बैंक का लोगो (Logo) नहीं लगा होता है।

इस एटीएम को लगाने के लिए आरबीआई द्वारा नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन (Non-Banking Financial Institution) को ही लाइसेंस दिया जाता है जोकि बैंक से जुड़े नहीं रहते। इसके तहत जिस कंपनी ने सबसे पहले एप्लीकेशन दिया था उस कंपनी का नाम है टाटा कम्युनिकेशन्स पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड (Tata Communications Payment Solutions Limited) और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में 100 करोड रुपए जमा करवाकर इस लाइसेंस को हासिल किया था। इस एटीएम को “Indicash” के नाम से जाना जाता है।

Brown Label ATM :इसके अंतर्गत बैंक द्वारा किसी तीसरे व्यक्ति को इसकी पूरी जिम्मेदारी दे दी जाती है।इसके तहत कुछ विशेष कंपनियों को जो कि एटीएम से जुड़े कार्यों को करती है जैसे एटीएम मशीन को किस जगह लगवाना है, बैंक से पैसे ले जाकर मशीन में डालना, एटीएम मशीन बैठाने के लिए जगह खोजना आदि। इस तरह के एटीएम में बैंक को यह फायदा रहता है कि उसे किसी प्रकार का कोई टेंशन नहीं लेना होता सभी कार्यों को कंपनी द्वारा ही अंजाम दिया जाता है इससे बैंक का पैसा और समय दोनों बचता है।

On Site ATM : बैंक के अंदर लगाए गए एटीएम को ऑन साइट एटीएम कहा जाता है।

Orange Label ATM : इस तरह के एटीएम को शेयर के ट्रांजैक्शन के लिए उपयोग किया जाता है।

Yellow Label ATM : इस तरह के एटीएम ज्यादातर ई-कॉमर्स कंपनी में मौजूद होते हैं।

Pink Label ATM : इस तरह के एटीएम को केवल महिलाओं को सर्विस देने के लिए उपयोग किया जाता है।

Green Label ATM : इस तरह के एटीएम का उपयोग कृषि लेनदेन के लिए किया जाता है हालांकि यह आपको शहरों में इतनी आसानी से देखने को नहीं मिलेगा।

ATM के पार्ट्स (Parts of ATM in Hindi):

Input Device:

  • Card Reader
  • Keypad

Output Device

  • Screen
  • Speaker
  • Cash dispenser
  • Receipt printer

ATM के फायदे (Advantages of ATM in Hindi):

  • ATM का सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि आप कभी भी, कहीं से भी और किसी भी वक्त पैसे निकाल सकते हैं।
  • ATM का दूसरा फायदा यह है कि आपको बैंक में जाकर अपने पैसे निकालने के लिए लंबी-लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ता।
  • यह 24 घंटे खुला रहता है यानी आप चाहे तो आधी रात को भी इस से पैसे निकाल सकते हैं जोकि ATM मशीन के आने से पहले बहुत मुश्किल था।
  • आजकल आप ATM द्वारा पैसे डिपॉजिट भी कर सकते हैं इससे आपको बैंक जाकर लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होने से छुटकारा मिल जाता है।
  • आप चाहे तो इससे किसी दूसरे के अकाउंट में पैसे भी ट्रांसफर कर सकते हैं।

ATM मशीन के बारे में कुछ रोचक बातें (Interesting Facts About ATM Machine): 

  • जिस वक्त जॉन शेफर्ड बरौन ने एटीएम का आविष्कार किया उसके बाद उन्होंने सबसे पहले उसके पिन नंबर के बारे में सोचा और यह तय किया कि पिन नंबर 6 अंकों का होना चाहिए लेकिन जब यह बात उन्होंने अपनी पत्नी के साथ साझा की तो उनकी पत्नी ने कहा की 6 अंकों का पिन नंबर याद रखना लोगों के लिए आसान नहीं होगा, इसके बाद ही उन्होंने तय किया कि एटीएम पिन को 4 अंकों तक ही सीमित रखा जाएगा।
  • दुनिया का सबसे पहला तैरने वाला एटीएम (Floating ATM) भारतीय स्टेट बैंक द्वारा केरल में स्थापित किया गया था।
  • भारत में सबसे पहले एचएसबीसी बैंक (HSBC Bank) द्वारा 1987 में एटीएम को स्थापित किया गया था हालांकि उस वक्त इसके बारे में बहुत कम लोग जानते थे।
  • मशहूर कॉमेडियन रेन वर्गी ATM से पैसे निकालने वाले पहले व्यक्ति थे।
  • ब्राजील में तो बायोमेट्रिक एटीएम का अभी उपयोग किया जाता है यानी इस एटीएम का उपयोग करने के लिए आपको अपनी उंगलियों को स्कैन करने की आवश्यकता होती है।

 

दोस्तों आशा करता हूं ATM Full Form in Hindi से जुड़ी यह जानकारी आप लोगों को पसंद आई होगी अगर ये पोस्ट आपको अच्छा लगे तो इसे अपने दोस्तों को शेयर और कमेन्ट जरूर करें और अगर आपके पास कोई सुझाव हैं तो हमें जरूर कमेन्ट सेक्शन में लिखकर बताएं।अगर आप भी किसी फूल फॉर्म के बारे में जानना चाहते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। हम आपके सवालों के जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे।

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