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BITCOIN Meaning in Hindi, Bitcoin Price

by Manish Sharma
BITCOIN Meaning in Hindi

BITCOIN Meaning in Hindi | What is the Meaning of Bitcoin in Hindi

दोस्तों आपके मन में कभी ना कभी यह बात जरूर आती होगी कि बिटकॉइन क्या है (BITCOIN Meaning in Hindi),यह कहां पाया जाता है, कहां रखा जाता है, आप  कहां से इसे हासिल कर सकते हैं यानी इस से जुड़े कई सारे सवाल आपके दिमाग में आते रहते हैं अगर आप भी BITCOIN से जुड़े इन सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें।

दोस्तों आज पूरी दुनिया इंटरनेट से जुड़ चुकी है और दिन प्रतिदिन इंटरनेट का दायरा भी बढ़ते जा रहे हैं।आज हम इंटरनेट के माध्यम से किसी भी कार्य को घर बैठे ही कर सकते हैं फिर चाहे वह खाने पीने की चीजें  मंगवाना हो,  टिकट बुक करना हो,किसी तरह का पेमेंट करना हो  या किसी को पैसे भेजना हो कहीं ना कहीं इंटरनेट ने हमारी जिंदगी को काफी आसान बना दिया है 

साथ ही साथ इंटरनेट ने हमें यह भी आजादी दी है कि हम घर बैठे पैसे भी कमा सके और उन्हीं सब तरीकों में से एक है बिटकॉइन तो आइए खंगालते हैं बिटकॉइन के पूरे इतिहास 

बिटकॉइन क्या है? What is Bitcoin in Hindi?

अगर इंटरनेट की भाषा में बात की जाए तो बिटकॉइन एक वर्चुअल करेंसी (Virtual Currency) है यानी बाकी करेंसी की तरह ना आप इसे छू सकते हैं, ना देख सकते हैं, ना  महसूस कर सकते हैं। मतलब यह करेंसी  दुनिया के बाकी करंसी से बिल्कुल ही अलग है जो की पूरी तरह है डिजिटल फॉर्म में ही पाई जाती है।

Bitcoin किसने बनाया? Who Made Bitcoin?

 Satoshi Nakamoto

इतनी सारी बातें जानने के बाद आपके दिमाग में एक बात जरूर आ रही होगी कि बिटकॉइन का आविष्कार किसने किया  तो उसका जवाब है सन्तोशी नकामोटो (Satoshi Nakamoto) ने और आज यह दुनिया की सबसे लोकप्रिय करेंसी है और दिन प्रतिदिन इसकी लोकप्रियता भी बढ़ती जा रही है।

हम आपको एक बात और बता देना चाहते हैं कि जिस व्यक्ति ने बिटकॉइन की शुरुआत की थी यानी सतोशी नकामोटो (Satoshi Nakamoto) इस व्यक्ति के बारे में आज भी कोई पूरी तरह कोई नहीं जानता।कई लोग सतोशी नकामोटो (Satoshi Nakamoto) होने का दावा तो करते हैं लेकिन बिटकॉइन के असली जनक के बारे में आज भी किसी को पूरी जानकारी नहीं है।  

बिटकॉइन की शुरुआत कब हुई? When did bitcoin start?

अगर बात की जाए बिटकॉइन की शुरुआत की तो इसकी शुरुआत 9 जनवरी 2009 को हुई थी यानी आज से लगभग और अगर बात करें इसके पहले संस्करण की तो वह था 0.1.0

बिटकॉइन का नया संस्करण कब आया? When did the new version of bitcoin arrive?

अगर बात की जाए इसके दूसरे संस्करण (0.15.1) की तो वह 11 नवंबर 2017 में आया था यानी आज से ठीक 3 वर्ष पहले।

बिटकॉइन को कहाँ रखा जाता है? Where is bitcoin placed?

बिटकॉइन पूरी तरह एक डिसेंट्रलाइज्ड करेंसी (Decentralized Currency) है, आसान भाषा में बात की जाए तो इसका कंट्रोल किसी के हाथों में नहीं है ना बैंक ना सरकार यानी बाकी करेंसी (Currency) की तरह आप इसे बैंक में तो बिल्कुल भी नहीं रख सकते। बिटकॉइन को सिर्फ और सिर्फ ऑनलाइन वॉलेट (Online Wallet) में ही स्टोर करके रखा जा सकता है।

What is Bitcoin in Hindi

बिटकॉइन का इस्तेमाल कौन कर सकता है? Who can use bitcoin?

जिस तरह इंटरनेट का कोई मालिक नहीं है उसी तरह बिटकॉइन का भी कोई मालिक नहीं यानी इसका इस्तेमाल कोई भी कर सकता है फिर चाहे वह आम हो या खास।आप बिटकॉइन का इस्तेमाल कभी भी और कहीं भी कर सकते हैं। दिन हो या रात बिटकॉइन के जरिए आप दुनिया में किसी भी व्यक्ति को पैसे भेज सकते हैं यानी इसके लिए आपको किसी भी बैंक या थर्ड पार्टी एजेंसी की मदद नहीं लेनी होगी।

बिट कॉइन की  कीमत कितनी है? How Much Does Bitcoin Cost?

बिटकॉइन का मूल्य कई चीजों पर निर्भर करता है। उसमें जो दो सबसे महत्वपूर्ण चीजें हैं वह है इसकी मांग और इसकी आपूर्ति। बिटकॉइन की सीमित संख्या के कारण बाजार में इसकी मां बहुत ही ज्यादा है

एक बार में केवल 21000000 बिटकॉइन ही माइनिंग किए जा सकते हैं और ऐसे में अगर आपूर्ति से कम मांग हो तो इसका मूल्य घट जाता है वहीं  मांग ज्यादा होने पर इसका मूल्य बढ़ भी जाता है 

फिर भी आज के दिन यानी 04.01.2021 की तो बाजार में इसकी कीमत की बात की जाए तो वह 23,17,881.42 भारतीय रुपए 

बिटकॉइन वॉलेट क्या है? What is a Bitcoin Wallet in Hindi? 

अगर आप किसी व्यक्ति को पैसा भेजना चाहते हैं तो उसके लिए आपको बिटकॉइन वॉलेट का सहारा लेना होगा तब जाकर ही आप किसी भी व्यक्ति को पैसे भेज सकते हैं या ट्रांसफर कर सकते हैं

जब आप बिटकॉइन वॉलेट (Bitcoin Wallet) की मदद से पैसे ट्रांसफर करेंगे तो आपको इसके लिए 1 रूपया 70 पैसे फीस के रूप में चुकाने होंगे जो कि एक बहुत ही मामूली सी रकम है। आज दुनिया में कई ऐसे लोग हैं जो साधारण करेंसी की जगह बिटकॉइन का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन इस आर्थिक लेनदेन में  ना तो आपके के वॉलेट में किसी प्रकार के नोट आते हैं ना ही सिक्के आते हैं और जो आता है वह होता है एक डिजिटल कोड (Digital Code) और यही कोड आप तक पहुंची हुई रकम होती है। 

पैसों का लेन-देन (Transaction of Money):
वर्तमान समय में किसी भी प्रकार की कानूनी लेन-देन के लिए बैंक का ही इस्तेमाल करना पड़ता है। यहां तक की किसी भी देश में करंसी का सरकुलेशन भी सरकार ही तय करती है लेकिन बिटकॉइन एक ऐसी व्यवस्था है जिस पर ना तो किसी बैंक का कंट्रोल है और ना ही किसी सरकार का यानी बिटकॉइन के रूप में होने वाला लेनदेन केवल दो लोगों के बीच ही होता है और तीसरा कोई व्यक्ति इसमें हस्तक्षेप भी नहीं कर सकता। इन सब से यह पता चलता है कि आर्थिक लेनदेन के लिए बिटकॉइन एक सुरक्षित और सुपरफास्ट तरीका है। 

यहां आपको यह पता होना जरूरी है कि बिटकॉइन का आदान-प्रदान पियर टू पियर (Peer to Peer) तकनीक से होती है  यानी यह रकम सीधे एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में पहुंचती है या कह सकते हैं एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में।

यह अर्थव्यवस्था कैसे काम करती है? How Does This Economy Work?

बिटकॉइन की अर्थव्यवस्था बाकी अर्थव्यवस्था से बिल्कुल ही अलग है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आज से 8 वर्ष पहले 1 बिटकॉइन का मूल्य केवल और केवल 5  रुपए था  और आज बाजार में एक बिटकॉइन की कीमत लगभग 8  लाख रुपए के करीब है। 

अगर हम बात करें बिटकॉइन  में होने वाले  लेनदेन की तो यह पूरी तरह भरोसे पर पिका होता है यानी अगर आपको लगता है कि जिस व्यक्ति को आप पैसे भेज रहे हैं या मंगवा रहे हैं वह भरोसे के लायक है तो आप बिटकॉइन में लेनदेन कर सकते हैं। इसमें होने वाले किसी भी धोखाधड़ी के लिए किसी भी तरह की बैंक या  गवर्नमेंट जिम्मेदार नहीं है।

बिटकॉइन को ख़रीदा और बेचा कैसे जाता है? How is Bitcoin Bought and Sold?

अब सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि बिटकॉइन को कमाया कैसे जाए और इसे खर्च कैसे किया जाए तो आइए जानते हैं इन तरीकों के बारे में: 

1. बिटकॉइन को खरीदने का सबसे पहला तरीका यह है कि आप बिटकॉइन के वेबसाइट पर जाकर 999 डॉलर देकर सीधे इसे खरीद सकते हैं और अगर आप इतने पैसे देने में सक्षम नहीं है तो आप बिटकॉइन की सबसे छोटी यूनिट सतोषी (Satoshi) को भी खरीद सकते हैं। जिस तरह हमारे देश में 1 रुपए के अंदर 100  पैसे होते हैं  ठीक उसी प्रकार अगर 1 बिटकॉइन की बात करें तो उसमें 10 करोड़ सतोषी (Satoshi) होते हैं।

2. बिटकॉइन खरीदने का दूसरा और सबसे आसान तरीका यह है कि यदि आप किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की ऑनलाइन सर्विस दे रहे हैं तो आप उस व्यक्ति से पैसों के बदले बिटकॉइन भी ले सकते हैं बशर्ते उस व्यक्ति के पास बिटकॉइन हो। आप लिए गए बिटकॉइन को भविष्य में किसी और व्यक्ति को भी बेच सकते हैं और अच्छा खासा मुनाफा भी कमा सकते हैं।

3. बिटकॉइन खरीदने का तीसरा तरीका इतना आसान नहीं है इसके लिए आपको  बिटकॉइन माइनर बनने की जरूरत होगी। जो व्यक्ति बिटकॉइन माइनर बनना चाहता है तो सबसे पहले उस व्यक्ति के पास एक हाई स्पीड कंप्यूटर होना चाहिए साथ ही साथ उस कंप्यूटर का हार्डवेयर भी काफी अच्छा होना चाहिए। 

बिटकॉइन का इस्तेमाल पूरी तरह ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए ही किया जाता है और जब कोई व्यक्ति बिटकॉइन में लेन-देन करता है तो उस ट्रांजैक्शन को वेरीफाई (Verify) किया जाता है और कंप्यूटर पर बैठा जो व्यक्ति इस ट्रांजैक्शन को वेरीफाई (Verify) करता है उसे  माइनर (Miner) कहते हैं।

कंप्यूटर पर बैठे माइनर को यह जिम्मेदारी दी जाती है कि वह वेरीफाई करें की किए गए ट्रांजैक्शन में किसी तरह की कोई गड़बड़ी तो नहीं यानी व्यक्ति इसके द्वारा किसी प्रकार की हेराफेरी तो नहीं कर रहा। इन्हीं वेरिफिकेशन (Verification) प्रक्रिया के बदले माइनर  को  कुछ बिटकॉइन इनाम के तौर पर दिए जाते हैं  और इस तरह से बिटकॉइन मार्केट में आ जाते हैं।

बिटकॉइन माइनर कोई भी बन सकता है बशर्ते उसके पास  अच्छी खासी टेक्निकल नॉलेज हो साथी साथ एक हाई स्पीड और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटर भी हो, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस कार्य में जिस कंप्यूटर की जरूरत होती है वह काफी महंगा होता है और उसे हर कोई व्यक्ति इतनी आसानी से नहीं खरीद सकता है।

बिटकॉइन माइनिंग क्या है? What is Bitcoin Mining in Hindi?

बिटकॉइन आज के तारीख में सबसे महंगी करेंसी है। नए बिटकॉइन बनाने की प्रक्रिया को ही माइनिंग कहा जाता है। जिस तरह लोग, रुपए, डॉलर  और पाउंड को मीडियम ऑफ ट्रांजैक्शन की तरह प्रयोग करते हैं  ठीक उसी तरह  बिटकॉइन को भी इस्तेमाल किया जा सकता है।  बिटकॉइन की माइनिंग पूरी तरह इसकी मांग और आपूर्ति पर निर्भर करती है।  

बिटकॉइन का निर्माण डिक्रीजिंग और प्रीडिक्टिबल रेट के आधार पर किया जाता है और इसकी माइनिंग फिक्स है। कुल 21 मिलियन बिटकॉइन्स को ही माइन  किया जा  सकता है फिलहाल लगभग 16 मिलियन बिटकॉइन माइन किए जा चुके हैं।

कैसे होती है बिटकॉइन की माइनिंग? How is Bitcoin Mining Done?

बिटकॉइन एक क्रिप्टो करेंसी है यानी क्रिप्टो करेंसी के तहत ही इसकी माइनिंग की जाती है। इसमें ब्लॉकचेन एक पब्लिक लेजर शेयर करता है जहां सभी बिटकॉइन नेटवर्क लगे होते हैं।सभी तरह के कन्फर्म ट्रांजैक्शन ब्लॉकचेन में शामिल किए जाते हैं।

यह बिटकॉइन वॉलेट को खर्च किए जाने लायक बैलेंस को कैलकुलेट करने की इजाजत देने का कार्य करते हैं ताकि नई ट्रांजैक्शन  को वेरीफाई किया जा सके।इस प्रक्रिया के तहत यह सुनिश्चित किया जाता है कि खर्च करने वाला  व्यक्ति ही उस बिटकॉइन का मालिक है।यह सभी चीजें क्रिप्टोग्राफी के द्वारा नियंत्रित की जाती है।

बिटकॉइन माइनिंग के प्रकार (Types Bitcoin Mining):

अगर बिटकॉइन के माइनिंग की बात की जाए तो इसे 2 तरीको से किया जा सकता है और वे इस प्रकार है:

1. सोलो माइनिंग (Solo Mining): अगर इस माइनिंग की बात की जाए तो इस माइनिंग के तहत जो व्यक्ति माइनिंग करता है और वह यह कहता है कि मैं अकेला माइनिंग कर रहा हूं और मुझे किसी पुल (Pool) के साथ ना जोड़ा जाए यानी वह यह कहता है कि उसके पास काफी सारे पावरफुल कंप्यूटर्स (Powerfull Computers) हें और वह इस कार्य को अकेला कर सकता है

2. पूल माइनिंग (Pool Mining): इस माइनिंग के तहत कई सारे कंप्यूटर एक पूल बनाते हैं और एक ही नेटवर्क से जुड़ कर दिए गए कार्य को अंजाम देते हैं यानी एक साथ मिलकर काम करते हैं।

अगर बात की जाए की  बिटकॉइन कब तक रहेगा तो जवाब यह है कि बिटकॉइन के निर्माता ने इसका निर्माण इस तरीके से किया है कि एक निश्चित समय के बाद बिटकॉइन की संख्या घटकर आधी ही रह जाएगी यानी आज से 130 वर्षों के बाद यानी सन 2140 तक नए बिटकॉइन का निर्माण पूरी तरह बंद हो जाएगा।

बिटकॉइन एक फ्यूचर की करेंसी है और यह फ्यूचर में ही खत्म भी हो जाएगी।यही कारण है कि दुनिया भर के लोगों में इसे खरीदने की होड़ मची  हुई है।

What is Bitcoin in Hindi

बिटकॉइन का गलत इस्तेमाल (Misuse of Bitcoin):
एक वर्चुअल करेंसी होने के कारण बिटकॉइन के कई खतरे भी हैं। सरकार का नियंत्रण ना होने के कारण इसकी कीमतें ऊपर नीचे होती रहती है साथ ही यह करेंसी इंक्रिप्टेड (Encrypted)  होने की वजह से कुछ गलत कामों के लिए भी प्रयोग में लाई जाती है,जैसे- प्रतिबंधित वस्तुओं को खरीदने या फिर उसे बेचने के लिए।

बिटकॉइन का भविष्य ( Futuer of Bitcoin):

बिटकॉइन के द्वारा  किए गए लेनदेन पूरा हिसाब इंटरनेट पर मौजूद रहता है यानी बिटकॉइन काले धन की समस्या को जड़ से खत्म कर सकता है साथ ही साथ पैसों के लेनदेन में भी ट्रांसपेरेंसी (Trasperency) ला सकता है। 

आज दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां बिटकॉइन की व्यवस्था में पैसे लगा  रही है  क्योंकि ज्यादातर कंपनी का यह मानना है कि  बिटकॉइन भविष्य की अर्थव्यवस्था की नीव है।

इस वक़्त दुनिया में करीब 820 करोड़ मोबाइल फोन हैं और जबकि दुनिया की आबादी लगभग 706 करोड़ है। इसके उलट अभी भी दुनिया में 204 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनके पास कोई  बैंक अकाउंट नहीं हैं यानी वह सभी लोग जिनके पास  मोबाइल फोंस हैं, अगर  बिटकॉइन का इस्तेमाल करने लगे तो यह दुनिया की सबसे बड़ी बैंकिंग प्रणाली बन जायेगी और वह भी एक ऐसी बैंकिंग प्रणाली जिसमें किसी भी सरकार या किसी वित्तीय संस्थान का दखल नहीं होगा।

बिटकॉइन इस्तेमाल करने के फायदे (Advantage of Bitcoin in Hindi):

1. बिटकॉइन के द्वारा होने वाले लेनदेन पर  क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के मुकाबले ट्रांजैक्शन फीस बहुत कम लगती है

2. आप दुनिया के किसी भी कोने से बिटकॉइन का इस्तेमाल कर सकते हैं  यानी कभी भी और कहीं से भी आप लेनदेन की प्रक्रिया कर सकते हैं 

3. जिस तरह कई बार बैंक हमारे डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक कर देता है  लेकिन बिटकॉइन अकाउंट के साथ ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता  

4. जिस तरह आप शेयर मार्केट, म्यूच्यूअल फंड्स में पैसे इन्वेस्ट करते हैं और प्रॉफिट कमाते हैं ठीक उसी तरह आप बिटकॉइन में भी इन्वेस्ट करके अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं  और इसमें प्रॉफिट की संभावनाएं भी बहुत ज्यादा रहती है 

5. क्योंकि सरकार बिटकॉइन के लेनदेन पर नजर नहीं रखती और जो लोग इसका इस्तेमाल गलत कामों के लिए करते हैं उनके लिए यह  फायदेमंद साबित होता है

बिटकॉइन इस्तेमाल करने के नुकसान (Disadvantage of Bitcoin in Hindi):

1. बिटकॉइन पर किसी भी सरकार का  कोई नियंत्रण नहीं होता  इसकी वजह से इसकी कीमत में उतार चढ़ाव होता रहता है जो कि बिटकॉइन में निवेश करने वाले लोगों के लिए थोड़ा रिस्की साबित हो सकता है यानी उन्हें अच्छा खासा नुकसान भी उठाना पड़ सकता है

2. अगर एक बार आपका बिटकॉइन अकाउंट हैक हो जाता है तो अपने द्वारा कमाए गए बिटकॉइन को खो देंगे यानी इसे फिर से  पाना लगभग असंभव है और इसमें कोई आपकी मदद भी नहीं कर सकता

3. इसका गलत इस्तेमाल होने की संभावना बनी रहती है यानी अगर यह किसी भी गलत हाथों में पड़ जाए तो यह उस देश के लोगों के लिए बेहद ही खतरनाक साबित हो सकता है

 

दोस्तों आशा करता हूं BITCOIN Meaning in Hindi से जुड़ी ये जानकारी आपको पसंद आई होगी और अगर ये पोस्ट आपको अच्छा लगे तो इसे अपने दोस्तों को जरूर शेयर और कमेन्ट भी जरूर करें और अगर आपके पास कोई सुझाव हैं तो हमें कमेन्ट सेक्शन में लिखकर जरूर बताएं।

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