Brahma Ji Temple In Pushkar In Hindi|भारत में स्थित ब्रह्मा जी का एकमात्र मंदिर।

Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi

ब्रह्मा मंदिर पुष्कर दोस्तों, आज हम जिस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, वो है ” Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi “

वैसे तो भारत देश धार्मिक स्थलों की भूमि है। भारत के विभिन्न जगहों पर,अलग अलग देवताओं के विभिन्न मंदिर स्थापित किए गए हैं। 

लेकिन प्रश्न यह उठता है, कि पूरे world में Brahma Pushkar Mandir सिर्फ एक ही क्यों है?आर्टिकल “Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi” में Pushkar ke Brahma Mandir  के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी जाएगी।

यह Mandir कहां स्थित है? Brahma Mandir Pushkar का इतिहास क्या है?क्यों ब्रह्मा जी की पत्नी सावित्री ने ब्रह्मा जी को श्राप दिया? इसके पीछे की पूरी कहानी बताई जाएगी।

Interesting article होने वाला है, पढ़ना जारी रखें। Pushkar Mandir से related Interesting story ज़रूर पढ़ें।

आइए.”Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi “ आर्टिकल में सम्पूर्ण जानकारी पर एक नज़र डालते हैं।

 Location of Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi

 ब्रह्मा जी का मंदिर कहां स्थित है?

Brahma ji का मंदिर,भारत के राज्य राजस्थान में स्थित अजमेर से 16 km दूर पुष्कर झील के किनारे स्थित है। Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi World के 10 धार्मिक स्थलों की सूची में आता है।

अगर अपने देश की बात करें तो भारत के 5 महान धार्मिक स्थलों में एक नाम Pushkar Brahma ji Temple का भी है।  

 धर्मशास्त्रों में पुष्कर, प्रयाग,कुरुक्षेत्र,हरिद्वार और गया को पंचतीर्थ कहा गया है।सब तीर्थों का गुरु पुष्कर में स्थित “Brahma ji Temple को सर्वाधिक पवित्र माना गया है।

Pushkar में स्थित यह मंदिर ” जगद्गुरु ब्रह्मा जी” को समर्पित है।हिंदू ग्रंथों के अनुसार  तीन देव ब्रह्मा, विष्णु और महेश हैं। 

ब्रह्मा जी को सृष्टि के रचनाकार के रूप में माना गया है।विष्णु जी संसार के पालनहार माने जाते हैं।और महेश अर्थात भगवान शिव को सर्वविनाशी के रूप में माना जाता है, जब पृथ्वी पर पाप का आगमन होता है, शिव रौद्र रूप धारण करते हैं और पाप का विनाश करते हैं।

हैरानी की बात तो ये है कि हमारे देश में विष्णु व शिव भगवान के विभिन्न मंदिर स्थापित हैं परंतु Brahma Pushkar Temple ही इकलौता मंदिर है जो ब्रह्मा जी को समर्पित है।

आइए आगे Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi” लेख में जानते हैं, ब्रह्मा मंदिर के पूरे इतिहास के बारे में।क्यों है ब्रह्मा जी का पूरे संसार में सिर्फ़ एक ही मंदिर?


History of Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi

BrahmajTempleinPushkar in Hindi .

ब्रह्मा पुष्कर मंदिर का इतिहास व पूर्ण जानकारी

भारत के तीर्थराज पुष्कर में स्थित ’जगतपिता ब्रह्मा मंदिर’, गहन आस्था रखने वाले पंचतीर्थों में से एक माना जाता है!

हिंदू धर्म ग्रंथो के अनुसार इसका निर्माण मूल रूप से 14वीं शताब्दी में किया गया। क्यों है ब्रह्मा जी का एक ही मंदिर पूरे विश्व में? क्यों ब्रह्मा जी की पत्नी सावित्री ने ब्रह्मा जी को श्राप दिया? 

इन सब प्रश्नों का उत्तर जानने के लिए आइए नज़र डालते हैं, ब्रह्मा पुष्कर मंदिर के इतिहास पर। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, सावित्री और ब्रह्मा मंदिर की कहानी हिंदू पौराणिक कथाओं की एक दिलचस्प कहानी है। 

ऐसा माना जाता है कि यही कारण है कि भगवान ब्रह्मा की पत्नी सावित्री का मंदिर, ब्रह्मा मंदिर के पास एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है।Interesting story को ध्यान से पढ़िएगा, यही है ब्रह्मा पुष्कर मंदिर का सार।

हिंदू लोक कथाओं के अनुसार, व्रजनाश राक्षस ने पृथ्वी पर उत्पात मचा रखा था। ब्रह्मा जी ने उस राक्षस का वध किया, उससे लड़ते हुए ब्रह्मा जी के हाथ से तीन कमल पुष्प धरती पर गिरे।

वहीं तीन पवित्र झीलों का आवागमन हुआ, ये स्थान व्याष्ठा, मध्य और कनिष्ठ पुष्कर कहलाते हैं। कहा जाता है कि भगवान ब्रह्मा ने पुष्कर में एक भव्य यज्ञ  का आयोजन किया।

वह अपनी पत्नी सावित्री की उपस्थिति में  यज्ञ करना चाहते थे।हालाँकि, सावित्री को देर हो रही थी और वह समय पर यज्ञ में नहीं पहुँच सकी।

हिंदू परंपरा में किसी भी शुभ अनुष्ठान को पूरा करने के लिए पत्नी की उपस्थिति आवश्यक मानी जाती है। यज्ञ का उद्देश्य सृष्टि में शांति स्थापित करना था । यज्ञ को टाला नहीं जा सकता था।

चूंकि यज्ञ अब और इंतजार नहीं कर सकता था, भगवान ब्रह्मा ने गायत्री नाम की एक गुर्जर समुदाय की लड़की से शादी की और पत्नी के रूप में उसके साथ यज्ञ किया। 

एक दूसरी स्त्री से विवाह करके यज्ञ संपन्न हुआ और अनुष्ठान में शामिल न किए जाने से वह आहत और क्रोधित महसूस करने लगीं।

गुस्से में सावित्री ने ब्रह्मा जी को श्राप दिया कि ब्रह्मा जी की कभी कोई पूजा नहीं की जायेगी। जो भी ब्रह्मा जी का मंदिर बनवाएगा, उसका सर्व विनाश हो जायेगा।

इस श्राप से सभी देवतागण भयभीत हो गए। उन्होंने देवी सावित्री से ऐसा न करने की  विनती की।अपनी गलती का एहसास होने पर देवी सावित्री ने कहा कि पुष्कर में सिर्फ़ यही मंदिर होगा जहां ब्रह्मा जी की पूजा होगी।

यही कारण है कि पूरे विश्व में ब्रह्मा जी का बस एक ही मंदिर है“ Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi. देवी सावित्री ने भगवान ब्रह्मा को छोड़कर दुनिया से चले जाने का फैसला किया। वह पास की एक पहाड़ी की चोटी पर चढ़ गई और सांत्वना और ज्ञान की तलाश में गहरे ध्यान में चली गई।

भगवान ब्रह्मा ने स्थिति की गंभीरता को महसूस करते हुए और अपनी प्यारी पत्नी को याद करते हुए, उन्हें वापस लौटने के लिए मनाने की कोशिश की। 

उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और यज्ञ शुरू करने से पहले उनकी प्रतीक्षा न करने पर उन्हें गहरा अफसोस हुआ।

देवी सावित्री अंततः लौटने के लिए सहमत हो गईं लेकिन इस शर्त पर कि पहाड़ी की चोटी पर उनका हमेशा एक अलग मंदिर होगा, जो उनकी स्वतंत्रता और पवित्र उपस्थिति का प्रतीक होगा। 

भगवान ब्रह्मा ने उनकी शर्त स्वीकार कर ली और आज तक, सावित्री का मंदिर, जिसे सावित्री मंदिर के नाम से जाना जाता है, पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर के पास रत्नागिरी पहाड़ी के ऊपर स्थित है।

सावित्री मंदिर पुष्कर शहर और आसपास के परिदृश्य का एक सुंदर दृश्य प्रस्तुत करता है, जो इसे भक्तों और पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय तीर्थ स्थान बनाता है।

हर साल हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार कार्तिक  महीने में पुष्कर में एक मेला लगता है , जिसे पुष्कर मेला कहा जाता है।

यह भव्य व विशाल मेला पर्यटकों को आकर्षित करता।कार्तिक पूर्णिमा के दिन लगने वाला मेला काफी दिनों तक चलता है। 

आगे “Brahma Ji Temple in Pushkar in Hindi लेख में पुष्कर मेले के बारे में दिलचस्प जानकारी दी गई है। 

पढ़ना जारी रखें। तभी आप समझ पाएंगे कि इस मेले को विशाल और भव्य क्यों कहा जाता है?कार्तिक पूर्णिमा पर लगता है मेला


 Fair on Kartik Purnima,Brahma Pushkar Mandir 

BrahmajTempleinPushkar(in Hindi)
BrahmajTempleinPushkar in Hindi

 कार्तिक पूर्णिमा, एक शुभ पूर्णिमा का दिन है जो अक्टूबर नवंबर के महीने में आता है।इस दिन पुष्कर में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है जिसे कार्तिक पूर्णिमा मेला या पुष्कर मेला कहा जाता है।

काफ़ी दिनों तक चलने वाला यह मेला देशी, विदेशी पर्यटक व व्यापारियों को भी आकर्षित करता है। भारत में सबसे प्रसिद्ध और जीवंत मेलों में से एक है, और यह राजस्थान की संस्कृति, परंपराओं और रीति-रिवाजों का अनुभव करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है।

ब्रह्मा पुष्कर मंदिर, इस मेले से काफी निकटता से जुड़ा है।तीर्थयात्री इस मेले में आने के बाद ब्रह्मा जी के पुष्कर मंदिर के दर्शन करते हैं और ब्रह्मा जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

पुष्कर झील में स्नान

कार्तिक पूर्णिमा के दिन पुष्कर झील में स्नान करना भी पुण्यदायक माना जाता है।

हज़ारों की संख्या में भक्तगण पुष्कर झील के शुद्ध जल में स्नान करते हैं । पवित्र जल में स्नान करने से आत्मा शुद्ध होती है और जीवन में समृद्धि आती है।

पशु व्यापार

यह मेला अपनी विशाल पशु व्यापार गतिविधियों, विशेषकर ऊँट व्यापार के लिए प्रसिद्ध है। 

व्यापारियों द्वारा बेचने और खरीदने के लिए ऊंटों को राजस्थान के विभिन्न हिस्सों और पड़ोसी राज्यों से लाया जाता है। हजारों खूबसूरत ऊंटों का प्रदर्शन एक अनोखा दृश्य है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पारंपरिक संगीत, नृत्य प्रदर्शन और प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता  है। 

स्थानीय कलाकार और संगीतकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं, और घूमर और कालबेलिया जैसे पारंपरिक राजस्थानी नृत्य किए जाते हैं।

हस्तशिल्प सामान 

मेले के मैदान में विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प, वस्त्र, आभूषण और अन्य स्मृति चिन्ह बेचने वाले कई स्टॉल लगाए जाते हैं। 

यह पर्यटकों के लिये राजस्थानी वस्तुएं खरीदने  का एक शानदार अवसर है।

Hot Air Balloon की सवारी

हाल के वर्षों में, हॉट एयर बैलून की सवारी एक लोकप्रिय आकर्षण बन गई है। 

पर्यटक आसमान से पुष्कर शहर और मेले के मनोरम दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।

धार्मिक जुलूस

 सड़कों पर विस्तृत जुलूस निकाले जाते हैं, जिनमें देवताओं, संगीतकारों और नर्तकों की खूबसूरती से सजाई गई मूर्तियाँ होती हैं। 

कुल मिलाकर, ब्रह्मा पुष्कर मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा मेला आध्यात्मिकता, संस्कृति और परंपरा का एक भव्य उत्सव है, और यह देशी विदेशी पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव प्रदान करता है।

Pushkar Brahma Dev Mandir का निर्माण.

ब्रह्मा पुष्कर मंदिर राजस्थान के निर्माण से संबंधित कहीं कोई उल्लेख नहीं किया गया है परंतु लोक गाथाओं के अनुसार लगभग 2000 साल पहले इस मंदिर का निर्माण किया गया था ।

एक लोक कथा के अनुसार अरण्व वंश के नरेश को रात्रि में सपना आया कि इस जगह पर ब्रह्मा जी का मंदिर है।

उसके पश्चात राजा ने इस पुराने मंदिर का रख रखाव किया और पुराने ढांचे का नवनीकरण किया। औरंगजेब के अत्याचारों की वजह से एक समय था जब इस मंदिर को भी काफी नुकसान पहुँचाया गया । 

इस मंदिर को भी नष्ट कर दिया गया था।14 वीं शताब्दी में ब्रह्मा जी पुष्कर मंदिर का फिर से निर्माण करवाया गया।

आज भी भारत के तीर्थराज कहे जाने वाले पुष्कर राजस्थान में  यह मंदिर “जगतपिता ब्रह्मा“ जी के नाम से मशहूर है।देश विदेश से लोग इस मंदिर के दर्शन करने आते हैं।

Brahma ji Temple Pushkar ( in Hindi) लेख में ब्रह्मा पुष्कर मंदिर के निर्माण के बारे में जानने के बाद आइए मंदिर की वास्तुकला पर भी प्रकाश डालें।

Architecture (वास्तुकला) of Brahma Pushkar Temple.

BrahmajTempleinPushkar(in Hindi)
BrahmajTempleinPushkar(in Hindi)

ब्रह्मा मंदिर पुष्कर राजस्थान की वास्तुकला भी बेहद खूबसूरत है। इस मंदिर के निर्माण में संगमरमर के पत्थर का प्रयोग किया गया। पत्थर की पट्टियां लगाई गई हैं।

ब्रह्मा जी के प्रवेश द्वार को हंस की मूर्ति से सुसज्जित किया गया है।इस मंदिर के प्रांगण में नक्काशीदार एक खूबसूरत कछुए का निर्माण किया गया है।

कछुए का निर्माण भक्तजनों के द्वारा दिए गए चांदी के सिक्के व संगमरमर के पत्थर से किया गया है।ब्रह्मा मंदिर पुष्कर की वास्तुकला उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय शैलियों का मिश्रण है, जिसमें एक लाल शिखर और संगमरमर की सीढ़ियाँ हैं जो आंतरिक गर्भगृह तक जाती हैं!

मंदिर के गर्भगृह में ब्रह्मा जी की चार मुखी मूर्ति के साथ उनकी पत्नी गायत्री की प्रतिमा स्थापित की गई है।ब्रह्मा मंदिर के पीछे एक पहाड़ी पर ब्रह्मा जी की पत्नी सावित्री जी का मंदिर भी स्थित है, और यह मंदिर  पुष्कर झील का मनोरम दृश्य भी प्रस्तुत करता है।

Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi के लेख में आगे है, मंदिर की टाइमिंग (Timing)।ब्रह्मा पुष्कर मंदिर में किस मौसम में जाना चाहिए और मंदिर की timing क्या है?

Pushkar Brahma Mandir Darshan (Visiting Timings)

Brahma ji temple  की timing जानने से पहले ये जान लेना आवश्यक है कि इस मंदिर के दर्शन का कौनसा महीना उचित है?

राजस्थान में स्थित होने के कारण Pushkar Brahma Mandir के दर्शन के लिए October से March तक समय सही रहता है। 

राजस्थान का tempreture 20° तक रहता है जो कि Best time है, सफर करने के लिए। गर्मियों के high temperature में राजस्थान जाना और दर्शन करना बहुत कठीन है।

 

मंदिर के खुलने और बंद होने का समय भी Note कर लें।

Brahma Pushkar Mandir(खुलने का समय)

In Summer :- 6:00 am to 9:00pm

In winter:-6:30am to 8:30pm

Pushkar Brahma Dev Mandir (बंद होने का समय) 

पुष्कर ब्रह्मा मंदिर दोपहर को 1:30pm से 3:00 pm tak बंद किया जाता है।

Visiting Time:- में आप मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। दर्शन करने के लिए कोई भी प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता।

How to reach Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi

By Air

Pushkar Mandir Brahma ji के दर्शन के लिए By Air जाना चाहते हैं तो आपको सांगानेर हवाई अड्डे तक की Flight लेनी होगी। 

यह Airport, पुष्कर से 150 km दूर है। बस, टैक्सी, कैब किसी का भी प्रयोग कर सकते हैं, पुष्कर पहुंचने के लिए।

By Road

Pushkar ji Mandir जाने के लिए अगर आप Road ways use Karna चाहते हैं तो आसपास के शहर से आप अपनी कार या गाड़ी से आ सकते हैं।

अगर बस का चुनाव करते हैं तो आपको अजमेर तक की बस लेनी होगी। अजमेर , पुष्कर से लगभग 16 km दूर है।बाकी का सफ़र, cab ( taxi) से कर सकते हैं।

By Train

अगर आप Brahma Temple Pushkar, by Train जाना चाहते हैं तो आपको अजमेर तक की ट्रेन लेनी होगी।

अजमेर रेलवे स्टेशन, पुष्कर से 14 km Ki दूरी पर ही है।स्टेशन से मंदिर पहुंचने के लिए टैक्सी, कैब का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस प्रकार आप अपनी सुविधानुसार Pushkar Brahma Mandir ji के दर्शन कर सकते हैं।

Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi|अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न FAQS

Q1: ब्रह्मा पुष्कर मंदिर कहाँ स्थित है?

ANS:-ब्रह्मा पुष्कर मंदिर भारत के राजस्थान के पुष्कर शहर में स्थित है।

Q2: ब्रह्मा पुष्कर मंदिर के मुख्य देवता कौन हैं? 

ANS:-ब्रह्मा मंदिर के मुख्य देवता भगवान ब्रह्मा हैं।

Q3: ब्रह्मापुष्कर मंदिर का क्या महत्व है? 

ANS:-पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर पंच तीर्थों मे से एक है और संसार में ब्रह्मा जी का bs यही इकलौता मंदिर

Q4: क्या कोई भी ब्रह्मा मंदिर के दर्शन कर सकता है?

ANS:-हाँ, ब्रह्मा मंदिर सभी देशी, विदेशी पर्यटकों के लिए खुला है।

Q5: मंदिर का समय क्या है? 

ANS:-Brahma Pushkar Mandir(खुलने का समय)

          In Summer _ 6:00 am to 9:00pm

          In winter_ 6:30am to 8:30pm

          Pushkar Brahma Dev Mandir (बंद होने का समय) 

         पुष्कर ब्रह्मा मंदिर दोपहर को 1:30pm से 3:00 pm tak बंद किया जाता है।

6: क्या मंदिर में कोई विशेष अनुष्ठान या त्यौहार मनाया जाता है?

ANS: हाँ, ब्रह्मा मंदिर में कार्तिक पूर्णिमाके दौरान मेला आयोजित किया जाता  है, जिसे पुष्कर मेला भी कहा  जाता है, जो हर साल  (अक्टूबर-नवंबर) में आयोजित होता है। 

इस मेले के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ऊंट व्यापार होता है।

Q 7: ब्रह्मा पुष्कर मंदिर की वास्तुकला कैसी है?

ANS:मंदिर में उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली का मिश्रण है। इसमें एक लाल शिखर और संगमरमर की सीढ़ियाँ हैं जो आंतरिक गर्भगृह तक जाती हैं जहाँ भगवान ब्रह्मा की चार मुख वाली छवि स्थापित है।

Q 8: क्या मंदिर में फोटोग्राफी की अनुमति है? 

ANS: फोटोग्राफी के नियम अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन अधिकांश हिंदू मंदिरों में, आंतरिक गर्भगृह के अंदर जहां मुख्य देवता स्थापित हैं, फोटोग्राफी की अनुमति नहीं है। 

हालाँकि, आमतौर पर बाहरी परिसर और मंदिर परिसर के आसपास फोटोग्राफी की अनुमति है।

Q9 क्या मंदिर में प्रवेश के लिए कोई शुल्क है? 

ANS:9: कोई शुल्क नहीं है।

Q10: पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर तक कैसे पहुँच सकते हैं?

ANS: पुष्कर सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है, और यह अजमेर, जयपुर और जोधपुर जैसे नजदीकी शहरों से आसानी से पहुंचा जा सकता है। 

निकटतम हवाई अड्डा जयपुर में है, और निकटतम रेलवे स्टेशन अजमेर में है। वहां से, कोई टैक्सी या स्थानीय बस लेकर पुष्कर पहुंच सकते हैं। 

निष्कर्ष (Conclusion)

Brahma ji Temple in Pushkar in Hindi के लेख में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के बाद पता चला कि क्यूं है इस मंदिर की महिमा देश विदेश में फैली हुई। देश विदेश के पर्यटकों को इतना आकर्षित क्यूं करता है, ब्रह्मा जी पुष्कर का मंदिर।

ब्रह्मा पुष्कर मंदिर आध्यात्मिक भक्ति और राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक के रूप में खड़ा है।

हजारों विपदाएं आने पर भी इस मंदिर का नवनिर्माण होता रहा।अपनी धार्मिक प्रतिष्ठा को कायम रखते हुए यह मंदिर अपने भक्तगणों के लिए एक अनूठा और यादगार अनुभव प्रदान करता है।

ब्रह्मा पुष्कर मंदिर के दर्शन के लिए आप भी जरूर जाएं और एक शांति का अनुभव करें।

आपको ये आर्टिकल कैसा लगा? जरूर बताएं। आपके suggestions का इंतजार रहेगा।

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