Home GENERAL FIR Full Form in Hindi | What is the Full Form of FIR in Hindi

FIR Full Form in Hindi | What is the Full Form of FIR in Hindi

by Manish Sharma
FIR Full Form in Hindi

FIR Full Form in Hindi | What is the Full Form of FIR in Hindi

दोस्तों आप में से कई लोग ऐसे होंगे जिनके मन में FIR क्या होता है (What is FIR),FIR का फूल फॉर्म क्या होता है (FIR Full Form in Hindi), FIR के फायदे क्या हैं (Advantage of FIR) ,FIR की आवश्यकता क्यों है (Why is FIR Required), FIR कराते वक़्त किन बातों का ख्याल रखना चाहिए,FIR दर्ज नहीं हो तो क्या करें जैसे सवाल उत्पन्न होते हैं और अगर आप भी FIR से जुड़े इन सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें।

FIR का पूरा मतलब (FIR Full Form in Hindi):

अगर FIR की फूल फॉर्म की बात की जाए तो इसे “फर्स्ट इनफॉरमेशन रिपोर्ट” (First Information Report) कहते हैं।

FIR क्या होती है? What is FIR in Hindi?

कोर्ट, हॉस्पिटल और पुलिस स्टेशन, ये तीनों ऐसी जगह है जहाँ जिंदगी में एक बार ही सही हर इंसान का पाला कभी ना कभी पड़ ही जाता है। पुलिस स्टेशन एक ऐसी जगह है जिसका नाम सुनते ही पुलिस का खौफनाक चेहरा लोगों को अपने सामने दिखाई देने लगता है। कई बार आप लोगों ने यह सुना होगा कि पुलिस ने दबाव बनाकर FIR (First Information Report) बदल दी है।कई बार पुलिस आम नागरिकों द्वारा कानून की कम जानकारी होने का फायदा भी उठा लेती है।

आप जैसे ही किसी भी अपराध की रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए थाने में जाते हैं, तो आपको अपने साथ घटी घटना की की जानकारी देने को कहा जाता है। इसमें घटना का समय, स्थान, मौके की स्थिति इत्यादि की जानकारी पूछी जाती है।

आपके द्वारा दी गई यह सारी जानकारी डेली डायरी में लिखी जाती है जिसे रोजनामचा भी कहा जाता है। बहुत से अनजान लोग इसी को ही एफआईआर (FIR) समझ लेते हैं और अपनी तरफ से संतुष्ट होकर बैठ जाते हैं। इसलिए जब भी अपराध की रिपोर्ट दर्ज करवाएं एफआईआर (FIR) लिखवाएं और इसकी कॉपी भी साथ लेकर आएं, यह आपका अधिकार है।

FIR दर्ज करने में लापरवाही और देरी के लिए भी आप जिम्मेदार अधिकारी की शिकायत कर सकते हैं। FIR की पहचान के लिए इस पर FIR नंबर भी दर्ज होते हैं जिससे आगे इस नंबर से मामले में प्रक्रिया चलाई जा सके। अहम बात यह की FIR पंजीकृत करने के लिए किसी भी प्रकार की फीस नहीं लगती, यदि पुलिस अधिकारी इसकी मांग करता है तो तुरंत उसकी शिकायत बड़े पुलिस अधिकारियों को करें।

FIR यानी प्रथम सूचना रिपोर्ट तुरंत दर्ज करवाएं। यदि किसी कारण से देर हो जाती है तो फॉर्म में इसका उल्लेख करें। यदि शिकायत मौखिक रूप से दे रहे हैं तो थाना प्रभारी आपकी शिकायत लिखेगा और समझाएगा। कार्बनशीट से शिकायत की चार कापियां होनी चहिये। शिकायत को सरल और विशिष्ट रखें। तकनीकी के तहत जटिल शब्दों का प्रयोग न करें। ध्यान रखें कि आपके आगमन और प्रस्थान का समय FIR और पुलिस स्टेशन के डेली डायरी में अंकित हो गया है।

FIR कैसे दर्ज कराएं? How to Lodge an FIR in Hindi?

हम सभी को कभी न कभी FIR लिखाना ही पड़ जाता है चाहे खुद के लिये या किसी जानने वाले के लिये। अक्सर लोगो की शिकायत होती है कि उनकी FIR थाने में नहीं लिखी गई, या फिर मजिस्ट्रेट के यहाँ FIR के लिये किया गया आवेदन निरस्त हो गया। इसके तो कई कारण होते है किंतु एक कारण ये भी होता है की आपके लिखने तरीका गलत हो। FIR को कम से कम शब्दों में स्पष्ट और पूरे मामले को लिखना चाहिये क्योंकि न्यायालय में आपका केस इसी आधार पर चलता है । आसान भाषा में FIR को लिखने का तरीका बता रहा हूँ क्योंकि कई बार पढ़े लिखे लोग भी FIR लिखने में गलती कर देते है।

1. FIR करवाते वक्त घटना के वक्त  और तारीख को अच्छी तरह लिखिए  यह बहुत महत्वपूर्ण होता है।

2. घटना किस जगह पर हुई  इसकी जानकारी भी अच्छी तरह FIR में लिखे

3. किस व्यक्ति ने अपराध किया फिर चाहे वह ज्ञात हो या अज्ञात, एक हो या एक से ज्यादा  इन सब चीजों की जानकारियां अच्छी तरह लिखें साथ ही साथ अपराधी का नाम और पता भी अवश्य लिखें।किसने। 

4. किसके साथ अपराध किया, पीड़ित व्यक्ति एक है या एक से ज्यादा, उन सब का नाम और पता भी अवश्य FIR में लिखें। 

5. किसलिए – यह एक इंपॉर्टेंट पॉइंट होता है इससे यह पता चलता है की कोई दुर्घटना अपराध है या पुरस्कार देने के लायक है, इसको इस प्रकार से समझा जा सकता है।

 A एक ब्यक्ति B पर गोली चला देता है और B की मृत्यु हो जाती है, A यहाँ पर दोषी होगा।

  • A एक ब्यक्ति B पर अपनी पिस्तौल तान देता है और B अपने बचाव में क पर गोली चला देता है जिससे A की मृत्यु हो जाती है। B हत्या का दोषी नहीं है क्योंकि अपनी आत्मरक्षा करते हुए अगर आप किसी की जान भी ले लेते है तो आप दोषी नहीं होंगे ।
  • A अपनी कार से B को टक्कर मार देता है और B की मृत्यु हो जाती है, A हत्या का दोषी नहीं है बल्कि उसपर दुर्घटना का केस चलेगा और उसके हिसाब से दण्ड मिलेगा।
  • A एक पुलिस कर्मी है और वह आतंकवादी संगठन के मुठभेड़ में एक या कई आतंकवादीयो को मार देता है। A हत्या का दोषी नहीं होगा बल्कि उसे पुरस्कार दिया जायेगा।

इससे यह स्पष्ट होता है की कोई भी कार्य तब तक अपराध नहीं है जब तक की दुराशय से न किया गया हो।

6. अगर दुर्घटना के वक्त कोई व्यक्ति सामने मौजूद था तो उसकी जानकारी भी FIR में जरूर दें।

7. अपराध या घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार का भी उल्लेख FIR में जरूर करें फिर चाहे वह बंदूक हो, डंडा हो, रोड हो, चाकू हो या फिर कोई और हथियार सभी का उल्लेख करें।

8. अपराध को किस प्रकार या किस तरह से अंजाम दिया इसकी जानकारी भी अच्छी तरह शहर में लिखें।

9. इन सभी चीजों का इस्तेमाल करके घटना को किस तरह अंजाम दिया गया और  बात यहां तक क्यों पहुंची सभी जानकारियां अच्छी तरह FIR. में दर्ज कराएं।

इस तरह आप किसी भी FIR को अच्छी तरह लिख सकते हैं। 

जीरो FIR क्या होती है ? What is Zero FIR in Hindi?

FIR को दर्ज करते वक्त आगे की जाने वाली कार्यवाही को सरल बनाने के लिए इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि जिस जगह घटना हुई है उस जगह के थाने में शिकायत जरूर दर्ज हो। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि पीड़ित को विपरीत परिस्थितियों एवं विषमताओं को देखते हुए बाहरी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवानी पड़ती है। क्योंकि कई दुर्घटनाओं में यह भी देखा जाता है कि पुलिस वाले अपने सीमा से बाहर हुई घटना को लेकर गंभीर दिखाई नहीं देते।

इसी को देखते हुए सरकार ने आपके अधिकारों को बचाए रखने के लिए जीरो एफ आई आर (ZERO FIR) प्रावधान किया है। इस FIR के तहत पीड़ित व्यक्ति उसके खिलाफ हुए अपराध के संदर्भ में जल्द से जल्द कार्यवाही हेतु किसी भी पुलिस स्टेशन मैं अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है एवं बाद में केस को उपरोक्त पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर भी करवाया जा सकता है।

FIR करवाते समय न बातों का रखे ख्याल (Take care of these things while registering FIR):

FIR यानी फर्स्ट इनफॉरमेशन रिपोर्ट जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी दर्ज करवानी चाहिए। अगर किसी कारण से इसमें देर भी हो जाती है तो फॉर्म में इसका उल्लेख जरूर करें। अगर आप अपनी शिकायत मौखिक रूप से दर्ज करवा रहे हैं तो थाना प्रभारी आपकी शिकायत को अच्छी तरह लिखेगा और आपको इसके बारे में समझाएगा भी।

इस बात का जरूर ख्याल रखें की FIR की 4 कार्बन कॉपी होनी चाहिए। चाहे आप किसी भी प्रकार की शिकायत कर रहे हो जितना हो सके उसे एकदम सरल भाषा में लिखें यानी तकनीकी और जटिल शब्दों का प्रयोग ना करें।ध्यान रखें कि आपके आगमन और प्रस्थान के समय को भी FIR और पुलिस स्टेशन की डेली डायरी में दर्ज किया जाता है। अंत में FIR की कॉपी जरूर मांगे यह आपका अधिकार है।

ऑनलाइन FIR (Online FIR):

अब आपको किसी भी प्रकार की FIR करने के लिए पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं है यानी आप ऑनलाइन भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। शिकायत दर्ज करवाने के बाद 24 घंटे के अंदर ही थाना प्रभारी आपको फोन करेगा इसके बाद ही आप अपने द्वारा दी गई शिकायत के स्टेटस को ऑनलाइन ही चेक कर सकते हैं। अगर आप ऑनलाइन अपनी शिकायत दर्ज करवाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपना ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर का उपयोग करना होगा जिससे कि पुलिस महकमा आपको संपर्क कर सकें।

सुप्रीम कोर्ट ने बताया अनिवार्य (Supreme court said that it is mandatory):

सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही अपने एक फैसले में एफ FIR दर्ज करने को अनिवार्य बनाने का फैसला दे दिया है।अगर कोई पुलिस अधिकारी FIR दर्ज करने से इनकार करता है तो नियमों के अनुसार उच्च अधिकारियों द्वारा उस पर कार्यवाही भी की जा सकती है।सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि FIR दर्द होने के 1 हफ्ते के अंदर ही प्राथमिक जांच पूरी हो जानी चाहिए। इस जांच के अंतर्गत मामले की पड़ताल की जाती है और यह भी देखा जाता है कि अपराध गंभीर है या नहीं।

FIR दर्ज नहीं करें तो, करें यह काम (If you do not register an FIR, then do this work):

अगर आप किसी भी प्रकार की कोई FIR दर्ज करवाने पुलिस स्टेशन जाते हैं और वहां मौजूद थाना अधिकारी आपके द्वारा दी गई शिकायत को दर्ज नहीं करता तो ऐसी स्थिति में आप अपनी शिकायत को रजिस्टर्ड डाक सेवा के माध्यम से क्षेत्रीय पुलिस आयुक्त को भी भेज सकते हैं।

इसके अलावा शिकायत या FIR दर्ज ना होने पर आप अपने क्षेत्र के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पास भी इसकी शिकायत कर सकते हैं ताकि वह पुलिस को दिशा निर्देश दें और आपको FIR की कॉपी उपलब्ध करवाएं।अगर कोई अधिकारी मैजिस्ट्रेट के निर्देशों को मानने से भी इंकार करें तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

 

आशा करता हूं FIR Full Form in Hindi से जुड़ी यह जानकारी आप लोगों को पसंद आई होगी अगर ये पोस्ट आपको अच्छा लगे तो इसे अपने दोस्तों को शेयर और कमेन्ट जरूर करें और अगर आपके पास कोई सुझाव हैं तो हमें जरूर कमेन्ट सेक्शन में लिखकर बताएं। अगर आप भी किसी फूल फॉर्म के बारे में  जानना चाहते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं।

Also Read:

CAA Full Form in Hindi

NRC Full Form in Hindi

RTI Full Form in Hindi

IPS Full Form in Hindi

IAS Full Form in Hindi

DSP Full Form in Hindi

Link:

Related Articles

Leave a Comment

Translate »