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IAS Full Form in Hindi | What is the Full Form of IAS in Hindi

by Manish Sharma
IAS Full Form in Hindi

IAS Full Form in Hindi | What is the Full Form of IAS in Hindi

दोस्तों आप में से कई लोग ऐसे होंगे जिनके मन में IAS Full Form in Hindi क्या होता है, IAS क्या होता है, IAS बनने के लिए क्या करना चाहिए, IAS करने की फीस कितनी होगी, IAS करने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए,IAS की चयन प्रक्रिया कैसी होती है, IAS होने के फायदे क्या होते हैं, जैसे सवाल उत्पन्न होते हैं और अगर आप भी IAS से जुड़े इन सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें।

आईएएस का फुल फॉर्म (IAS Full Form in Hindi):

दोस्तों अगर बात की जाए आईएएस (IAS) के फुल फॉर्म की तो वह होता है “इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस” (Indian Administrative Service) जो कि एक अखिल भारतीय सेवा है।

आईएस का पद सिविल सेवा में सबसे प्रतिष्ठित पदों में से एक माना जाता है। एक आईएएस ऑफिसर को कई विशिष्ट लाभ भी मिलते  हैं। अगर बात की जाए आईएएस की शुरुआत की तो इसकी स्थापना 1950 में की गई थी। आईएएस अधिकारियों के कैडर को गृह मंत्रालय द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

पहला पुरुष आईएएस ऑफिसर (First Male IAS officer):

अगर बात करें पहले पुरुष आईएएस ऑफिसर की तो वह है सत्येंद्र नाथ टैगोर (Satyendranath Tagore).

पहली महिला आईएएस ऑफिसर (First woman IAS officer):

अगर बात करें पहली महिला आईएएस ऑफिसर की तो वह है अन्ना राजम मल्होत्रा (Anna Rajam Malhotra).

IAS की चयन प्रक्रिया (IAS Selection Process):

  • इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में अधिकारियों का चयन प्रत्येक वर्ष संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से किया जाता है
  • परीक्षा का परिणाम आने के बाद जिन विद्यार्थियों का चयन होता है उन विद्यार्थियों को उनके कुल अंक और उनके द्वारा दी गई सेवा वरीयता सूची के आधार पर सेवा का आवंटन किया जाता है
  • क्योंकि इस सेवा के साथ अनेक चुनौतियां और उत्तर दायित्व भी जुड़े होते हैं इसीलिए इस सेवा हेतु ऐसे अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है जो इसके लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त और अनुकूल हैं
  • आईएएस ऑफिसर बनना एक गर्व की बात होती है और इस सेवा से जुड़ी सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण देश के लाखों युवा इसके प्रति आकर्षित होते हैं यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष देश भर के लाखों युवा सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होते हैं

IAS बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification to Become an IAS):

अगर आप आईएएस बनने के इच्छुक हैं और सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं तो इसके लिए आपका किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट (Graduate) होना अनिवार्य है साथ ही साथ इसमें अन्य देश के विद्यार्थी भी शामिल हो सकते हैं जैसे नेपाल, भूटान आदि बशर्ते उनके पास ग्रेजुएट की डिग्री हो 

IAS बनने के लिए शारीरिक योग्‍यता (Physical Qualification to Become an IAS):

लंबाई (Height): अगर आप एक आईएएस ऑफिसर बनना चाहते हैं तो इसके लिए आप की लंबाई (HHeight) बहुत मायने रखती है आईएएस में चुने जाने के लिए पुरुष उम्मीदवार की लंबाई कम से कम 165 सेंटीमीटर होनी चाहिए और वही अगर महिला उम्मीदवार की बात की जाए तो उनकी लंबाई कम से कम 150 सेंटीमीटर होनी चाहिए

अगर बात की जाए अनुसूचित जनजाति के पुरुषों की तो उनकी लंबाई कम से कम 160 सेंटीमीटर होनी चाहिए और वही महिला उम्मीदवार की लंबाई कम से कम 145 सेंटीमीटर होनी चाहिए 

छाती (Chest): अब अगर हम बात करें छाती (Chest) की चौड़ाई की तो पुरुषों के मामलों में वह कम से कम 84 सेंटीमीटर होनी चाहिए और महिलाओं की कम से कम 79 सेंटीमीटर होनी चाहिए

आंखो की रौशनी Eye Sight: आईएएस की चयन प्रक्रिया में आंखों की रोशनी का भी बहुत बड़ा योगदान होता है अगर आप आप एक आईएएस ऑफिसर बनना चाहते हैं तो इसके लिए आप की स्वस्थ आंखों का विजन 6/6 और कमजोर आंखों का विजन 6/2 या 6/6 कम से कम होना चाहिए

यूपीएससी परीक्षा के लिए आवेदन दें (Apply For UPSC Exam):

ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के तुरंत बाद आपको यूपीएससी (UPSC) एग्जाम के लिए अप्लाई करना होगा या फिर आप चाहे तो ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर में भी इस एग्जाम के लिए अप्लाई कर सकते हैं (UPSC) एग्जाम के लिए अप्लाई करने के बाद आपको तीन मुख्य परीक्षा देनी होंगी इसमें सबसे पहले आती है प्रेलिमिनारी एग्जाम (Preliminary Exam) , दूसरा द मेन एग्जाम (Main exam) और अंत में होता है इंटरव्यू (Interview)

प्राथमिक परीक्षा (Preliminary Exam)

प्राथमिक परीक्षा (Preliminary Exam) के अंतर्गत आपको दो पेपर देने होते हैं और दोनों ही प्रश्न पत्र ऑब्जेक्टिव सवालों से भरे होते हैं यानी आपके सामने चार उत्तर होंगे जिसमें आपको एक उत्तर चुनना होगा दोनों ही पेपर 200 – 200 अंको (Marks) के होंगे

मुख्य परीक्षा (Main Exam):

प्राथमिक परीक्षा (Preliminary Exam) को सफलतापूर्वक क्लियर करने के बाद आपको मुख्य परीक्षा (Main Exam) दैनिक होंगीइसमें लिखित परीक्षा सहित कुल 9 पेपर होते हैं साथ साथ ही साथ इसमें इंटरव्यू भी शामिल होता है सभी लिखित परीक्षाओं का कुल योग 1750 अंक (Marks) होता है और अंतिम चरण का इंटरव्यू 275 अंकों (Marks) का होता है

IAS बनने के लिए प्रशिक्षण (Training to Become an IAS):

जिन आईएएस अधिकारियों का चयन होता है उन्हें ट्रेनिंग के लिए सबसे पहले मसूरी भेजा जाता है और फिर उसके बाद हैदराबाद यहां इन अधिकारियों को भारतीय दंड संहिता, स्‍पेशल लॉ और क्रिमिनोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाती है साथ ही साथ इन अधिकारियों को फिजिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है

IAS की नियुक्ति प्रक्रिया (IAS Appointment Process): 

मुख्य परीक्षा (Main Exam) पास करने के बाद उम्मीदवारों को पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। यह इंटरव्यू लगभग 45 मिनट का होता है। इन उम्मीदवारों का इंटरव्यू एक पैनल के सामने होता है। इंटरव्यू के बाद मेरिट लिस्ट बनाई जाती है जिसके आधार पर इन अधिकारियों का चयन होता है यहां एक बात और ध्यान में रखने वाली यह है कि मेरिट लिस्‍ट बनाते समय क्‍वालिफाइंग पेपर के नंबर नहीं जोड़े जाते हैं।

IAS का कार्य और कर्तव्य (Work and Duty of an IAS):

  • आईएएस ऑफिसर बनने के बाद सबसे पहले आईएएस अधिकारी को सब-डिवीजन मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया जाता है। इसके बाद उनको जिला स्तर पर, जिला मजिस्ट्रेट या जिला कलेक्टर या उपायुक्त के रूप में भी नियुक्त किया जाता है जहां इन अधिकारियों को जिले के नीति निर्माण और विकास कार्यों की निगरानी करनी होती है।
  • जब एक आईएएस अधिकारी जिला स्तरीय भूमिका निभाने में पूरी तरह कामयाब हो जाता है तो उसके बाद उनको विभागों के प्रमुख हो या राज्य सचिवालय में नौकरशाहों के रूप में पदोन्नति दी जाती है। इसके बाद इन अधिकारियों को उनके क्रम के अनुसार केंद्र सरकार में कैबिनेट सचिव, सचिव, अतिरिक्त सचिव, संयुक्त सचिव, निदेशक, उपसचिव और अपर सचिव के रूप में भी तैनात किया जाता है
  • आईएएस अधिकारियों को विभिन्न स्तरों पर सरकारी मामलों को संभालने की जिम्मेदारी दी जाती है जिनमें  मुख्य रूप से नीतियों का निर्धारण और संबंधित मंत्रालय के परामर्श  शामिल होते हैं किसी भी आईएएस अधिकारी का मुख्य कार्य कार्यान्वयन की प्रक्रिया का पर्यवेक्षण करना और महत्वपूर्ण स्थानों की यात्रा करना होता हैइसके साथ ही आईएएस अधिकारियों संसद और राज्य विधानसभाओं के प्रति भी जवाबदेही होना पड़ता है।

आशा करता हूं IAS Meaning in Hindi से जुड़ी यह जानकारी आप लोगों को पसंद आई होगी अगर ये पोस्ट आपको अच्छा लगे तो इसे अपने दोस्तों को शेयर और कमेन्ट जरूर करें और अगर आपके पास कोई सुझाव हैं तो हमें जरूर कमेन्ट सेक्शन में लिखकर बताएं। अगर आप भी किसी फूल फॉर्म के बारे में  जानना चाहते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं।

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