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IPS Full Form in Hindi | What is the Full Form of IPS in Hindi

by Manish Sharma
IPS Full Form in Hindi

IPS Full Form in Hindi | What is the Full Form of IPS in Hindi

दोस्तों आप में से कई लोग ऐसे होंगे जिनके मन में IPS Full Form in Hindi क्या होता है, IPS क्या होता है, IPS बनने के लिए क्या करना चाहिए, IPS करने की फीस कितनी होगी, IPS करने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए,IPS की चयन प्रक्रिया कैसी होती है, IPS होने के फायदे क्या होते हैं, जैसे सवाल उत्पन्न होते हैं और अगर आप भी IPS से जुड़े इन सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें।

आईपीएस का फुल फॉर्म (IPS Full Form in Hindi):

दोस्तों अगर बात की जाए आईपीएस (IPS) के फुल फॉर्म की तो वह होता है “भारतीय पुलिस सेवा” (Indian Police Service) जो कि एक अखिल भारतीय सेवा है और इसी आईपीएस (IPS) को ब्रिटिश शासन काल के दौरान “इंपीरियल पुलिस” के नाम से भी जाना जाता था।

आईपीएस का पद सिविल सेवा में सबसे प्रतिष्ठित पदों में से एक माना जाता है जोकि आईएएस के बाद आता है। एक आईपीएस ऑफिसर को कई विशिष्ट लाभ तो मिलते ही हैं साथ ही साथ आईपीएस का पद भारत की मुख्य तीन नागरिक सेवा में से एक होता है। अगर बात की जाए आईपीएस की शुरुआत की तो इसकी स्थापना 1948 में की गई थी। आईपीएस अधिकारियों के कैडर को गृह मंत्रालय द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

पहली महिला आईपीएस ऑफिसर (First woman IPS officer):
अगर बात करें पहली महिला आईपीएस ऑफिसर की तो वह है किरण बेदी (Kiran Bedi).

IPS की चयन प्रक्रिया (IPS Selection Process):

  • भारतीय पुलिस सेवा में अधिकारियों का चयन प्रत्येक वर्ष संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी द्वारा आयोजित करवाई जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से किया जाता है
  • परीक्षा का परिणाम आने के बाद जिन विद्यार्थियों का चयन होता है उन विद्यार्थियों को उनके कुल अंक और उनके द्वारा दी गई सेवा वरीयता सूची के आधार पर सेवा का आवंटन किया जाता है
  • क्योंकि इस सेवा के साथ अनेक चुनौतियां और उत्तर दायित्व भी जुड़े होते हैं इसीलिए इस सेवा हेतु ऐसे अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है जो इसके लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त और अनुकूल हैं
  • आईपीएस ऑफिसर बनना एक गर्व की बात होती है और इस सेवा से जुड़ी सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण देश के लाखों युवा इसके प्रति आकर्षित होते हैं यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष देश भर के लाखों युवा सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होते हैं

IPS बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification to Become an IPS):

अगर आप आईपीएस बनने के इच्छुक हैं और सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं तो इसके लिए आपका किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट (Graduate) होना अनिवार्य है

IPS बनने के लिए शारीरिक योग्‍यता (Physical Qualification to Become an IPS):

लंबाई (Height): अगर आप एक आईपीएस ऑफिसर बनना चाहते हैं तो इसके लिए आप की लंबाई (HHeight) बहुत मायने रखती है आईपीएस में चुने जाने के लिए पुरुष उम्मीदवार की लंबाई कम से कम 165 सेंटीमीटर होनी चाहिए और वही अगर महिला उम्मीदवार की बात की जाए तो उनकी लंबाई कम से कम 150 सेंटीमीटर होनी चाहिए

अगर बात की जाए अनुसूचित जनजाति के पुरुषों की तो उनकी लंबाई कम से कम 160 सेंटीमीटर होनी चाहिए और वही महिला उम्मीदवार की लंबाई कम से कम 145 सेंटीमीटर होनी चाहिए 

छाती (Chest): अब अगर हम बात करें छाती (Chest) की चौड़ाई की तो पुरुषों के मामलों में वह कम से कम 84 सेंटीमीटर होनी चाहिए और महिलाओं की कम से कम 79 सेंटीमीटर होनी चाहिए

आंखो की रौशनी Eye Sight: आईपीएस की चयन प्रक्रिया में आंखों की रोशनी का भी बहुत बड़ा योगदान होता है अगर आप आप एक आईपीएस ऑफिसर बनना चाहते हैं तो इसके लिए आप की स्वस्थ आंखों का विजन 6/6 और कमजोर आंखों का विजन 6/2 या 6/6 कम से कम होना चाहिए

IPS बनने के लिए प्रशिक्षण (Training to Become an IPS):

अब अगर हम बात करें आईपीएस के प्रशिक्षण की तो उसकी कुछ निम्नलिखित अवस्थाएं हैं जो कि नीचे दी गई है:

  • बेसिक ट्रेनिंग – 4 महीने (राष्ट्रीय अकैडमी जोकि मसूरी में मौजूद है)
  • इंस्टीट्यूशनल/प्रोफेशनल ट्रेनिंग (स्टेज – 1) : 12 महीने ( पुलिस अकैडमी जो कि हैदराबाद में मौजूद है)
  • प्रैक्टिकल ट्रेनिंग – 8 महीने (आवंटित राज्य के किस जिले में)
  • इंस्टीट्यूशनल/प्रोफेशनल ट्रेनिंग (स्टेज – 2) : 3 महीने ( पुलिस अकैडमी जो कि हैदराबाद में मौजूद है) 
  • इन सबके बाद उम्मीदवारों को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकैडमी, मसूरी (उत्तराखंड) बेसिक ट्रेनिंग के लिए ले जाया जाता है जो कि 16 सप्ताह की होती है और इस ट्रेनिंग के खत्म होने के पश्चात उम्मीदवारों को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकैडमी हैदराबाद भेजा जाता है जहां उन्हें 1 वर्ष तक प्रशिक्षित किया जाता है
  • हैदराबाद में चुने गए अधिकारियों को सबसे पहले इंस्टीट्यूशनल ट्रेनिंग  स्टेज – 1 के अंदर 4 सप्ताह तक भारतीय दंड  संहिता, अपराध शास्त्र, भारतीय साक्ष्य अधिनियम तथा भारतीय संवैधानिक व्यवस्था की छोटी से छोटी जानकारी से अवगत करवाया जाता है
  • इसके बाद इन अधिकारियों को शारीरिक प्रशिक्षण, ड्रिल तथा हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी दी जाती है 
  • अलग-अलग तरह के हथियारों को चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए इन अधिकारियों को सीमा सुरक्षा बल के इंदौर (मध्य प्रदेश) मैं मौजूद सेंट्रल स्कूल फॉर वेपंस एंड टैक्टिक्स मैं 28 दिनों तक कई तरह के हत्यारों को चलाने, उन्हें खोलने, साफ करने, तथा उन्हें पुनः जोड़ने की तकनीक सिखाई जाती है।
  • इसी ट्रेनिंग के अंतर्गत अधिकारियों को नक्शा पढ़ना, दबिश देना, रात में विचरण तथा खोजना और घात लगाना भी सिखाया जाता है।
  • साथ ही साथ इन अधिकारियों को घुड़सवारी, उग्र भीड़ को संभालना, आग लगने पर क्या करना है, जनता के साथ कैसे पेश आना है, फोटोग्राफी, तैराकी, पहाड़ पर चढ़ना, गाड़ी चलाना, आतंकवादियों से लड़ना, महत्वपूर्ण व्यक्ति की सुरक्षा करना, संचार प्रणाली तथा सांप्रदायिक दंगों से संबंधित आवश्यक ट्रेनिंग प्रदान की जाती है।
  • इंस्टीट्यूशनल ट्रेनिंग स्टेज-1 के बाद इन अधिकारियों को पूरे एक वर्ष के लिए अलग-अलग थानों में नियुक्त किया जाता है जहां वे विभिन्न प्रकार के आपराधिक मामलों की जांच करना तो सीखते ही हैं साथ ही साथ थानों की कार्यप्रणाली की भी पूरी जानकारी लेते हैं।
  • इंस्टीट्यूशनल ट्रेनिंग के तुरंत बाद इंस्टीट्यूशनल ट्रेनिंग स्टेज-2 की शुरुआत हो जाती है इस ट्रेनिंग को पूरा करने के बाद अधिकारियों को यूपीएससी द्वारा संचालित एक परीक्षा में भाग लेना होता है और उसे पास भी करना होता है तब जाकर ही इन अधिकारियों को इंस्टिट्यूशन ट्रेनिंग से संबंधित (आवंटित)राज्य में सहायक पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्त किया जाता है।
  • इस तरह से इन अधिकारियों का औपचारिक प्रशिक्षण पूरा हो जाता है साथी साथ प्रत्येक अधिकारियों को उनके निर्धारित अकेडमी मैं भेज दिया जाता है हालांकि यह बेसिक ट्रेनिंग ही होती है। इन सबके बाद “मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम” के तहत इन अधिकारियों को बीच-बीच में कई बार अलग-अलग प्रकार की ट्रेनिंग दी जाती है।

IPS की नियुक्ति प्रक्रिया (IPS Appointment Process): 

  • ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन अधिकारियों को जो राज्य के डर दिया जाता है,इन्हें उस राज्य के किसी भी एक जिलेके पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में 1 साल का प्रशिक्षण लेना होता है और इसके बाद इन अधिकारियों को सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में 2 वर्ष तक का कार्य करना पड़ता है।
  • साहिब पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य करते समय इन अधिकारियों का उत्तरदायित्व पुलिस उपाधीक्षक के बराबर होता है।

IPS की पदोन्नति (Promotion of an IPS):

  • अपनी काबिलियत और प्रमोशन के द्वारा कोई भी आई पी एस अधिकारी डायरेक्टर जनरल (Director General) के पद तक पहुंच सकता है जो कि पूरे राज्य की पुलिस का मुखिया होता है।
  • इसके अलावा अगर किसी आईपीएस अधिकारी का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है और वह काबिल भी है तो उसे भारत सरकार द्वारा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) मैं भी नियुक्त किया जा सकता है।

IPS का सेवाकालीन प्रशिक्षण (In-service Training of IPS):

  • सेवा में रहते हुए भी इन अधिकारियों को और भी कई तरह के प्रशिक्षण दिए जाते हैं ताकि यह अपने काम को और भी बेहतर तरीके से कर सके और परिस्थितियों के आधार पर अपने कार्य को अंजाम दे सके यह प्रशिक्षण सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकैडमी, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान तथा अन्य संस्थाओं द्वारा दिया जाता है
  • इस प्रशिक्षण के अंतर्गत मुख्य रूप से प्रशासनिक प्रक्रिया, जनसंपर्क, दंगा नियंत्रण, मानवाधिकार, उग्र आंदोलन, प्राकृतिक आपदाएं, दुर्घटनाएं तथा मीडिया से संबंधित विषयों की ट्रेनिंग दी जाती है

IPS का कार्य और कर्तव्य (Work and Duty of an IPS):

  • सहायक पुलिस अधीक्षक (ACP) रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए इन अधिकारियों की जवाबदेही पुलिस अधीक्षक(SP), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक(SSP), उप पुलिस महानिरीक्षक(DIG) के प्रति होती है।
  • आईपीएस अधिकारी की पोस्टिंग पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में होती है जोकि सार्वजनिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक नियंत्रण इत्यादि के लिये ज़िम्मेदार होता है
  • इन सबके अलावा एक आईपीएस ऑफिसर को वीआईपी सुरक्षा, मादक पदार्थों की तस्करी, आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार के मामले, आपदा प्रबंधन, सामाजिक-आर्थिक कानून, और पर्यावरण कानूनों आदि के संरक्षण आदि पर विशेष ध्यान देना पड़ता है

 

आशा करता हूं IPS Full Form in Hindi से जुड़ी यह जानकारी आप लोगों को पसंद आई होगी अगर ये पोस्ट आपको अच्छा लगे तो इसे अपने दोस्तों को शेयर और कमेन्ट जरूर करें और अगर आपके पास कोई सुझाव हैं तो हमें जरूर कमेन्ट सेक्शन में लिखकर बताएं। अगर आप भी किसी फूल फॉर्म के बारे में  जानना चाहते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं।

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