khud ko hamesha positive kaise rakhe| खुद को हमेशा पॉजिटिव कैसे रखे

khud ko hamesha positive kaise rakhe. खुद को हमेशा पॉजिटिव कैसे रखे

हर पल ऐसे जियो जैसे”

                  नयी ज़िंदगी की शुरुआत हो!

     

ये ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव ही ज़िंदगी को दिलचस्प बनाते हैं !हर इन्सान को जीना सिखाते हैं ! कभी दुख का दरिया तो कभी खुशियों की बारिश,कभी मुरझाते से दिल तो कभी जुड़ते से मन !कभी मुश्किलों से लड़ना तो कभी हिम्मत ना छोड़ना,ज़िंदगी के हर पड़ाव पर, नये सबक बन जाते हैं!

इन  परिस्थितियों मे खुद को पॉजिटिव  कैसे रखें ? इन्हीं सवालों का जवाब मिलेगा आपको इस आर्टिकल में! छोटी -छोटी बातों को ध्यान में  रखकर हम अपनी ज़िंदगी को कैसे खुशनुमा बना सकते हैं ,छोटे-छोटे पलों से खुद को कैसे khud ko hamesha positive kaise rakhe ? आइये  गहन अध्ययन करते हैं इन्हीं छोटी-छोटी बातों पर !

खुद को हमेशा  पॉजिटिव कैसे रखे! definition  of    positivity.

   

जैसा की लगभग सभी जानते है की   “Positivity ” का अर्थ है “सकारात्मकता”! ज़िंदगी में  सकारात्मकता को समझने से पहले हमें ज्ञान होना चाहिये, आखिर Positivity का सही मायने क्या है? अक्सर लोग हमेशा खुश रहने को ही positivity समझ लेते हैं! अपने सपनों को हर हाल में पूरा करना ही

Positivity समझते हैं!ज़िंदगी में  कभी कोई दु:ख ना आना,बस हमेशा खुशी खुशी जीने को ही पॉजिटिवीटी समझते हैं! हकीकत में ये सब बातें  सकारात्मकता नहीं  कहलाती! और ना ही इसके दायरे में  आती हैं!

सकारात्मकता का ज्ञान तभी हो सकता है जब हम वास्तव में  ज़िंदगी के हर एक पहलू का गहन अध्ययन करें! khud ko hamesha positive kaise rakhe ? इसके लिये हमें  समझना होगा, जीने के वो नियम,जो शायद हर इन्सान भूल चुका है!

निराशावादी सोच के साथ ही अपना पूरा जीवन बीता देता है! बरसों बीत जाते हैं, हर पल ,हर लम्हाँ खर्च हो जाता है, गुज़ार देते हैं  ज़िंदगी खुशी के इंतज़ार में!

जीवन में हमेशा सकारात्मक कैसे सोचें (How To Be Always Positive In Life)

khud ko hamesha positive kaise rakhe

                

ज़िंदगी में सकारात्मक रहने के लिये कुछ बातों पर ध्यान देना आवश्यक हैं , जो साधारण होने के साथ-साथ आपके व्यक्तित्व में भी चार चाँद लगती हैं! अगर हम इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दे तो निश्चय ही हर परिस्थिति में  सकारात्मक हो पायेंगे! आइये ऐसे ही कुछ बातों पर प्रकाश डालते हैं.

1.  खुद से प्यार करो Self-love  ‐खुद से प्यार करना सीखो! तभी प्यार और  अपनेपन की भावना समझ पायेंगे!

2. नैतिक मूल्य      Moral values:‐‐ नैतिक मूल्य भी अस्तित्व को पहचान देते हैं! जीने की ऊर्जा देते हैं!

3.    खुले विचारों वाला  Open-minded:‐‐ हर चीज़ को देखने का नज़रिया बदले! अपनी बड़ी सोच का इस्तेमाल करें!

4. आत्मसम्मान    Self-respect:‐‐अपने आत्मसम्मान को कायम रखें! जो ज़िंदगी जीने का सलीका सिखाता है!

5.   सभी का सम्मान करें Respect for all:‐‐ सभी का सम्मान करें ! एक गरीब बुज़ुर्ग हो या कोई वेटर,हर कोई सम्मान का अधिकारी है! यही आपकी पहचान बनती है!

6.  दयालुता  Kindness:‐‐दिल को कोमल रखें! दयालुता ही ज़िंदगी को सुकुँ देती है!

7. कर्मा  Karma :‐‐हमेशा याद रखें,जैसा कर्म वैसा फल! अपनी ज़िंदगी में  दृढ़ता लायें!

8   मन को शांत रखना .Silence:‐‐Meaningful silence is better than meaningless words. मन को शाँत रखे! सकारात्मकता को अपनाये!

9.   शांति Peace:‐‐ किसी के दिल को चोट ना पहुंचाये!अनावश्यक शब्दों का प्रयोग ना करें!

10. हकीकत  Reality:‐‐ हकीकत को पहचानो! कुछ भी हमेशा के लिये रहने वाला नहीं है!

सफलतापूर्ण जीवन के लिए सकारात्मक विषय POSITIVE  THOUGHTS FOR SUCCESSFUL LIFE .

Successful life की बात तो हर इन्सान करता है! एक बड़ा ओहदा,अच्छा स्टेटस,दौलत शोहरत ..यही तो है एक आम आदमी की सफल ज़िंदगी की परिभाषा! सफलता (success) आखिर है क्या ?

जिसके पास  दौलत शौहरत,स्टेटस सब कुछ है,लेकिन ज़िंदगी में वो फिर भी खुश नहीं है!वो जानता ही नहीं है,आखिर khud ko hamesha positive kaise rakhe?

दूसरा पहलू देखें तो जिसके पास कुछ भी ना हो फिर भी वह खुश है! क्या ऐसा हो सकता है..? जब आप इसकी गहराई में  जायेंगे तो समझेंगे सही मायने में  सफल ज़िंदगी ( successful  life) का क्या तात्पर्य है ?

 सुना ही होगा,” सबसे बड़ा रोग,क्या कहेंगे लोग”!  जी, हाँ लोग क्या कहेंगे ? हमारे समाज का एक ऐसा प्रश्न जिसका उत्तर शायद ही किसी के पास हो!

जब भी हम कुछ नया शुरु करते हैं  या अपने सपनों को साकार करने का आरंभ ही करते है,तब हमारी ज़िंदगी में  दो तरह के लोग काफ़ी महत्तवपूर्ण होते हैं,जो हमें रोकने‐टोकने या कटाक्ष करने से पीछे नहीं  हटते! आइये ज़रा नज़र डालें, उन महान व्यक्तियों पर जो हमारे सपनों में  बाधा डालते हैं !

1.कुछ अजनबी,दोस्त,पड़ोसी,रिश्तेदार

 हमारी सफलता के बीच में 90% लोग इसी तरह के होते हैं ..कुछ दोस्त,  कुछ रिश्तेदार,कुछ पड़ोसी जो अक्सर अपना ज्ञान जरुर देते है जब भी हम कुछ नया शुरु करते हैं! ये क्या कर रहे हो तुम?

ये तुम्हारे बस की बात नहीं  है? क्या फालतू का काम शुरु करने जा रहे हो? इसमें क्या कमाओगे?? तुमसे नहीं  हो पायेगा ये?

इस तरह के हजारों सवालों का सामना करना पड़ता है! कुछ लोग तो टूट जाते हैं,उन्हें भी विश्वास होने लगता है कि शायद ये काम बेकार है! उनसे नहीं हो पायेगा! और ऐसे लोग कभी सफल नहीं हो पाते! हार जाते हैं लोगों के ताने सुन सुन कर !

इन लोगों का सबसे अच्छा ईलाज है,एक कान से सुनो और दूसरे कान से निकाल दो! अगर कोई आपसे ये कहे कि आपसे नहीं  हो पायेगा?ऐसे लोगों को बस एक ही जवाब देना..”क्यों?”

उनसे पूछना जरुर ,फिर देखना कैसे चुप होते हैं ऐसे लोग! ये वो लोग होते हैं,जिन्होनें भी कोशिश की होगी और  वो नहीं  कर पाये! उन्हें लगता है की कोई भी नहीं  कर पायेगा! अपनी नकारात्मकता दूसरों की ज़िंदगी में भी फैलते हैं और किसी को भी खुश नहीं  देख सकते!

2.अपना परिवार(माता‐पिता)

10%लोगों में अपने माँ बाप ओर कहें तो बहन भाई ही शामिल होते हैं! जिन्हें हम बहुत प्यार करते हैं!जो हमारी ज़िंदगी में सबसे अजीज़ होते हैं! अगर किसी काम को मना करते हैं तो जरुरी नहीं कि वो गलत ही हों!

उनकी बात सुननी चाहिये! हमें ये समझना चाहिये की दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार वही लोग करते हैं,उन्हीं को हमारी सबसे ज्यादा चिंता है! उन्होंने जो भी कहा उसे ध्यान से उसे! जरुरी नहीं कि आप उनकी बात माने लेकिन उन्हें experience है! सही गलत की पहचान है!

उनकी बातों से आप बहुत कुछ सीख सकते हो! अपनी कमजोरियाँ समझ सकते हो! हमेशा माँ बाप गलत नहीं होते!उनकी बातें भी आपको सबक दे सकती हैं और अपने सपनों को पूरा  करने में भी योगदान दे सकती हैं!

 सफलता पर  नज़र डालने से पहले जरुरी है आप अपनी मंज़िल को पहचाने! समझे कि  आप क्या चाहते हैं? आपकी क्या इच्छा है? सोच-समझकर अपनी मंज़िल का चयन करें !

सही और  गलत सभी बातों पर  गौर करें! फिर निर्णय लें कि  आप अपनी ज़िंदगी में  क्या करना चाहते हैं ?सफलता पाने के तीन रास्ते हैं,जिसे समझना बहुत जरुरी है! कोशिश करते हैं,उन रास्तों को समझने की.

1.डर का रास्ता(lack of confidence)

 सफलता पाने के लिये कुछ लोग ऐसा रास्ता चुनते हैं  जिस पर उन्हें खुद ही भरोसा नहीं होता!वो जानते ही नहीं हैं कि हर हालात में  खुद को पॉजिटिव कैसे रखेंगे?

उस रास्ते पर चलने से घबराते हैं,चुनौती से डरते हैं!हमेशा संशय बना रहता है,अगर कुछ नहीं हुआ तो क्या होगा! इस तरह के रस्ते पर चलकर कोई भी सफलता प्राप्त नहीं  कर  सकता! खुद पर विश्वास होना बहुत जरुरी है! ज़िंदगी में कभी-कभी risk लने से भी डरना नहीं  चाहिये!

2.Easy Money

सफलता पाने का दूसरा रास्ता है, बेईमानी और  लालच का रास्ता!जिस पर  चलकर आप दौलत तो आसानी से कम लेंगे लेकिन पूरी ज़िंदगी ऐसा काम करना  possible  नहीं  है! ना मन में  शान्ति होगी और  ना ही ज़िंदगी जीने की कोई चाह ही रह जाती है! एक डर के साथ जीना पड़ता है!

3.learning Process

सफलता पाने का सबसे सरल और  सबसे अच्छा रास्ता है,सीखने का रास्ता!जिसमें हर मोड़ पर कुछ ना कुछ तो सीखते ही हैं,साथ में  जीवन भर स्वाभिमान से भी जी सकते हैं,एक शान्ति के साथ! मेहनत ही इसका मुख्य आधार होता है!

सकारात्मक सोच के कुछ  उदाहरण    POSITIVE THOUGHTS ABOUT LIFE .

khud ko hamesha positive kaise rakhe

     

ज़िंदगी की हकीकत को जब इन्सान समझने लगता है! तभी समझ पायेगा की खुद को पॉजिटिव  कैसे रखें..? उसके अन्तर्मन में  एक उर्ज़ा प्रवाहित होती है जिसे “Positivity” कहा जाता है! हमेशा खुश रहना,या खुशियाँ मिलना सकारात्मकता नहीं है!

 ज़िंदगी एक ऐसा खेल है जो इन्सान इस खेल में  मरते दम तक डटा रहेगा , वही सकारात्मकता की पहचान बन  पायेगा! वही ज़िंदगी का खेल जीत पायेगा!

हर परिस्थिति में  अपने आपको ढालना, अपने आपको शाँत रखना ही “Positivity “है! अगर इन्सान अपने आन्तरिक मन पर ,बाहरी तत्वों का प्रभाव नहीं  पड़ने देता, वही सकारात्मकता है!

जैसा की हम जानते हैं,ज़िंदगी आसाँ नहीं  होती! हजारों संघर्ष करने पड़ते हैं  दो वक़्त की रोटी जुटाने के लिये भी!

जो इन्सान किसी भी परिस्थिति का समान करने में  सक्षम है,हर तरह की मेहनत करने के लिये तैयार है,हर मुश्किल का सामना  डटकर करता है,जिन्दगीं में  कभी हार नहीं  मानता!वही है, सकारात्मकता के सही मायने!

   “ढहते ख्वाबों की कश्ती में,हर इंसाँ सफ़र करता है

   कोई संभल जाता है,तो कोई बिखर जाता है !”

 संभल नहीं  पाता इंसान, उलझ जाता है ज़िंदगी की कशमकश में! कमज़ोर हो जाता है,खुद को किसी के काबिल नहीं समझता! नाकारात्मकता घेर लेती है हर तरफ़ से! ऐसे लोग ज़िंदगी से हार जाते हैं,जीने के काबिल नहीं रहते! और  समझ नहीं पाते कि khud ko hamesha positive kaise rakhe ?

अपनी ही ख्वाहिशों की नाकामी में  पूरी ज़िंदगी गुज़र देते हैं! हर संघर्ष,हर कठिनाई से लड़ने का जज़्बा ही इन्सान में “positivity” उत्पन्न करता है!

BE POSITIVE. ENJOY LIFE (IN HINDI)

ज़िंदगी कोई वस्तु नहीं है,जिसे सजाकर रख दिया और जो हमेशा खूबसूरत बनी रहेगी! ज़िंदगी खुदा की वो देन है,जो कुछ लोगों को वरदान लगती है तो कुछ को अभिशाप! ज़िंदगी के हर पल,हर लम्हें को खूबसूरत बनाने के लिये आवश्यक है, “Positivity “ ! ]

हमेशा सकारात्मकता बनाये रखने के लिये आवश्यक है ज़िंदगी की हकीकत को समझना! आज हर इन्सान अपने सपनों को पूरा करने के लिये बेताब है! एक मुकाम हासिल करने के लिये सब कुछ करने को तैयार है,पैसा कमाने के लिये दिन रात जुटा रहता है,और इसी को अपनी ज़िंदगी की मंज़िल समझता है!

इन्सान को पैसा कमाना ही सबसे बड़ी खुशी लगती है! अपने सपनों को हासिल करना ही सबसे बड़ी खुशी लगती है! इन सब के पीछे भागते-भागते जीना तो जैसे भूल ही जाता है!

अगर इन्सान को इस बात का ज्ञान हो जाये कि मंज़िल,पैसा, औकात इन सबसे आगे भी कुछ ऐसा है जो अनमोल है..! निराशाजनक परिस्थिति में भी khud ko hamesha positive kaise rakhe?वही ज़िंदगी की असीमित प्रसन्नता है, तो ज़िंदगी में  हर मोड़ पर सकारात्मकता हमेशा हाथ थामे रहेगी!

और उस असीमित प्रसन्नता का नाम है..”मानव शरीर” ! क्या ये एक अजूबे से कम नहीं! We are still alive !अभी तक ज़िंदा है हम! क्या इससे बड़ी खुशी कोई हो सकती है!

छूकर देखो अपने शरीर को..महसूस करो हर एक पल को..क्या इस शरीर के बिना कुछ संभव है! इससे बड़ा कोई तोहफ़ा हो सकता है क्या ?

जो लोग दौलत के पीछे भागते हैं,उनसे एक सवाल पूछना चाहती हूँ ! एक 24 साल के लड़के से,60 साल का व्यक्ति जो अरबों का मालिक है, एक सौदा करता है कि मेरी सारी दौलत के बदले में  अपना शरीर दे दे! क्या वो लड़का तैयार हो जायेगा?इसमें किसका फायदा है ?

उस लड़के का जवाब ना ही होगा! अब बताईये ? कौन दौलतमंद है वो 24 साल का साधारण सा लड़का या वो 60 साल का अरबों का मालिक ?

 जवाब सीधा सा है, Health is more important than money.  जो आपके पास है,शायद दूसरा तरस रहा हो उसके लिये! सच्चाई को पहचानिये ! ज़िंदगी में हमेशा खुश रहिये और  हर एक पल को enjoy  करें !

निष्कर्ष (CONCLUSION)

POSITIVE THINKING

ज़िंदगी को सुखमय बनाने के लिये सकारात्मकता  बहुत आवश्यक है! सभी पहलुओं पर नज़र डालने के बाद आप समझ ही गये होंगे,कि हर हाल में खुद को पॉजिटिव कैसे रखें?

हर लम्हा खुशमिज़ाजी से जीना ही ज़िंदगी है! हर एक पल को जी भर कर जीना ही खुशी है! मेहनत ही ज़िंदगी का मुख्य किरदार है! स्वाभिमान ही सकारात्मकता की पहली निशानी है! आशा करती हूँ कि आपकी ज़िंदगी भी खुशियों का आईना हो हमेशा!

और  आपको इस प्रश्न का उत्तर भी भली-भाँति मिल ही गया होगा कि  खुद को पॉजिटिव कैसे रखें? हमेशा खुश रहिये! हँसते मुस्कुराते रहिये!

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