क्या है आध्यात्मिक (Spiritual) होने का अर्थ, Meaning Of Being Spiritual

Meaning Of Being Spiritual:-आध्यात्मिकता, एक ऐसा शब्द जो आज मानव जीवन शैली में  मजाक बन कर रह गया है। मनुष्य, अपनी तुच्छ संसारिक वासनाओं की पूर्ति के लिये नैतिकता और  सामाजिकता को भूलता जा रहा है।

Spiritual का अर्थ समझने से पहले, समझना होगा कि आध्यात्म ,जीवन के लिये क्यूँ आवश्यक है? आध्यात्म का मतलब तो हर कोई निकाल लेता है, पर सही मायने में  SPIRITUALITY  को समझना बेहद आवश्यक है।

Meaning Of Being Spiritual, आध्यात्मिकता क्या है, आध्यात्मिकता के प्रकार क्या हैं, और  कैसे आध्यात्म की प्राप्ति होती है? जानेंगे इस आर्टिकल में।

Spiritual का अर्थ

अध्यात्म आपके भीतर का वह स्थान है, जहां आपकी आत्मा को शांति की अनुभूति होती है और यह मानव आत्मा को समर्पित है।

 आध्यात्मिकता एक व्यक्तिगत अनुभव है जो जीवन के अर्थ की खोज करते समय व्यक्तिगत विश्वासों की एक प्रणाली बनाता है। 

अध्यात्म भी जीवन में रोज़मर्रा की चुनौतियों से निपटने और मायामय संसार से परे, वास्तविकता से जुड़ने का एक तरीका है।

क्या है आध्यात्मिक होने का अर्थ?

आध्यात्मिक होने का मतलब अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग हो सकता है।  कुछ केलिए,आध्यात्मिकता धर्म(Religions) और यहां तक ​​कि उच्च शक्ति से संबंधित हो सकती है।  दूसरों के लिए, यह एक गैर-धार्मिक अनुभव हो सकता है जैसे प्रकृति, कला, योग (yoga), ध्यान (Meditation) आदि से जुड़ना।

 

Spiritual का हिन्दी अनुवाद करें तो इसका अर्थ है”आत्मज्ञान” ,”आत्मबोध” ।अगर आप बाहरी परिस्थितियों से विचलित नहीं होते तो आप आध्यात्म के

मार्ग पर हैं। अगर आप हर इन्सान से सदभावना रखते हैं तो आप आध्यात्म के मार्ग (paths) पर हैं। संसारिक परिस्थितियों से जूझते हुए भी आप आध्यात्मिक हो सकते हैं।

आध्यात्म का अर्थ ,धर्म सम्बंधी पूजा पाठ, मन्दिर, चर्च, गुरुद्वारे से नहीं  है। आध्यात्म का अर्थ है, स्वयं (Self) को जानना। मैं कौन हूँ? महज एक शरीर या भौतिकता से परे भी कोई वज़ूद है? इन सभी सवालों का अर्थ ही आध्यात्म कहलाता है।

क्यों आध्यात्मिकता महत्वपूर्ण है?

SPIRITUALITY की परिभाषा और  अर्थ को समझने के बाद प्रश्न उठता हैकिआध्यात्मिकता(SPIRITUALITY) क्यूँ Important है ,जीवन में।  जैसा कि हमने जाना, संसार में रह्ते हुए भी हम आध्यात्मिकता के मार्ग पर चल सकते हैं।

परंतु आज के दौर में इन्सान अपनी संसारिक वासनाओं  और इच्छाओं की पूर्ति करना , साधन संपन्न जीवन जीने को ही अपना जीवन का लक्ष्य (life purpose) समझता है।

उसे लगता है तभी वह आनन्द प्राप्त कर सकेगा, परंतु भूल जाता है कि  नश्वर इच्छा पूर्ति से आत्मिक शन्ति कभी भी नहीं  मिलेगी। अपनी परेशानियों और दुखों में  उलझता इन्सान, मन की शन्ति के लिये बाहरी दुनिया में दर बदर भटकता फिरता है।

इसलिये बेहद आवश्यक है, कि इन्सान, खुद से ये सवाल करे कि  उसका इस धरती पर,सही मायने में औचित्य क्या है? जिस दिन मनुष्य समझ जायेगा कि ये दुनिया नश्वर है, असली ज्ञान तो आत्मिक ज्ञान है, उसके काफी हद तक परेशानियां कम होने लगेगी और वह जीवन जीना सीख जायेगा, आत्मिक शान्ति के साथ।

Types of Spirituality

Meaning Of Being Spiritual

सिर्फ़ आध्यात्मिकता का अर्थ जानना ही जरुरी नहीं है, बल्कि यह भी समझना होगा कि आध्यात्मिकता के प्रकार क्या  हैं ?

1.MYSTICAL SPIRITUALITY  (रहस्यमय आध्यात्मिकता)

इस प्रकार की आध्यात्मिकता आत्मा के अन्तर्ज्ञान पर केंद्रित होती है। Mystical SPIRITUALITY (रहस्यमय आध्यात्मिकता )वाले लोग मानते हैं कि जीवन में हर अनुभव (Experience) के लिए एक बड़ा कारण होता है।

 हर अनुभव भौतिक या भौतिक दुनिया से परे से संबंधित होता है। उदाहरण के लिए,इसप्रकारकीआध्यात्मिकता वाले लोग इस विचार का समर्थन कर सकते हैं कि सब कुछ एक कारण से होता है। 

हर चीज के पीछे एक बड़ी व्याख्या होती है और यही सभी अलग-अलग अनुभवों (Experiences) को जोड़ती है।

2.AUTHORITARIAN    SPIRITUALITY (सत्तावादी आध्यात्मिकता)

इस प्रकार की आध्यात्मिकता ,  धार्मिक नियमों, परम्पराओं और रिवाजों में  बहुत विश्वास करती है। लोग कुछ नियमों और कुछ प्रतिबंधों का पालन करके अपनी आध्यात्मिकता को परिभाषित करते हैं।

 

अक्सर, इस प्रकार की आध्यात्मिकता धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी होती है।  ऐसा माना  जाता है, कि  इंसानों में,धर्म के आध्यात्मिक नियमों का पालन नहीं करने से संघर्ष हो सकता है।

AUTHORITARIAN SPIRITUALITY (सत्तावादी आध्यात्मिकता )वाले लोग कट्टरपंथी धर्म का एक रूप विकसित कर सकते हैं।

 कट्टरपंथियों का मानना ​​है कि उनका धर्म सबसे सच्चा है।  वे हर दूसरे धर्म को बाहर करने की प्रवृत्ति रखते हैं, जो दुर्भाग्य से, कट्टरपंथी धार्मिक आतंकवाद का कारण हो सकता है।

3.INTELLECTUAL  SPIRITUALITY  (बौद्धिक आध्यात्मिकता)

विभिन्न प्रकार की आध्यात्मिकता में, एक आध्यात्मिकता (INTELLECTUAL SPIRITUALITY) ज्ञान पर  आधारित है।

 

इस प्रकार की आध्यात्मिकता के पीछे मूल विश्वास,” ज्ञान” है।  INTELLECTUAL SPIRITUALITY(बौद्धिक रूप से आध्यात्मिक लोग) वाले लोग,आध्यात्मिक सिद्धांतों का ज्ञान प्राप्त करने और उन सूचनाओं का विश्लेषण करने की  प्रवृत्ति  रखते हैं, जिन्हें वे अपनी बुद्धि अर्थात दिमागी व तर्कशील तरीके से प्राप्त करते हैं।

 

उदाहरण के लिए, इस आध्यात्मिक यात्रा का एक रूप धर्मशास्त्र का अध्ययन करना है।  हालाँकि, इस प्रकार की आध्यात्मिकता केवल धर्म के अध्ययन से संबंधित नहीं है।  कोई भी ज्ञान, जो लोगों को उनकी आध्यात्मिकता में सुधार करने में मदद करता है, वह बौद्धिक आध्यात्मिकता का एक रूप है।

4.SERVICE SPIRITUALITY (सेवा आध्यात्मिकता)

 यह आध्यात्मिकता बहुत ही सरल  है।  ऐसा इसलिए है क्योंकि जब लोग दूसरों की सेवा करते हैं तो उन्हें आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।

 इस आध्यात्मिकता को प्राप्त करने के कई तरीके हैं, लेकिन इसका मूलमन्त्र  ,बदले में कुछ भी उम्मीद किए बिना दूसरों की मदद करना है। 

कुछ  पाने की इच्छा के बिना, किसी को लाभ पहुंचाना, Service Spirituality कहा जाता है। जो नि:स्वार्थ भावना का ही एक रुप है, जो भौतिकता से परे अन्तर्मन को शान्ति प्रदान करता है।

5.SOCIAL SPIRITUALITY (सामाजिक आध्यात्मिकता)

जब आप अन्य लोगों से घिरे होते हैं तो आध्यात्मिक जागृति का अनुभव करना, इस प्रकार की आध्यात्मिकता की व्याख्या करता है।

 जीवन में आध्यात्मिक उद्देश्य की खोज करते समय बहुत से लोग, अन्य लोगों के आस-पास रहने का अभ्यास करते हैं।

 धार्मिक समूहों में होना, इस आध्यात्मिकता का अनुभव करने का एक तरीका है।  हालाँकि, यह समूह के किसी अन्य रूप से भी प्राप्त किया जा सकता है – जैसे व्यायाम, प्रकृति से संबंधित गतिविधियाँ, ध्यान, आदि।

चूँकि अध्यात्म कई प्रकार के होते हैं, इसलिए साधना के भी विभिन्न तरीके हैं।

WAYS OF SPIRITUAL PRACTICES

Spiritual का अर्थ और प्रकार जानने के बाद, आध्यात्मिकता प्राप्त करने के तरीके भी जानने होंगे। अलग अलग प्रवृति के लोग अलग अलग तरीके प्रयोग करते हैं, आध्यात्म के मार्ग को अपनाने के लिये।

1.PATH OF KNOWLEDGE  (ज्ञान का मार्ग)

 इस अभ्यास के पीछे मुख्य विचार  ज्ञान प्राप्त करना है।  यह अभ्यास इस विचार के इर्द-गिर्द घूमता है कि परम मुक्ति, ज्ञान प्राप्त करने से हो सकती है।

 यह न केवल दुनिया के बारे में नई चीजें सीखने के बारे में है बल्कि सबसे महत्वपूर्ण, अपने बारे में ज्ञान है अर्थात आत्मज्ञान, आत्म-प्रतिबिंब, आप कौन हैं, आप जिस तरह से काम करते हैं, वह क्यों करते हैं, इस साधना के मुख्य सिद्धांत हैं।

 इसे प्राप्त करने के लिए लोग अध्ययन, ध्यान और चिंतन जैसी विधियों का उपयोग करते हैं।कुछ सबसे प्रसिद्ध दृष्टिकोण बौद्ध धर्म, ज्ञान योग का प्रभावशाली तरीका  है।

2.PATH OF DEVOTION  (भक्ति मार्ग)

 इस साधना के मूल तत्व ,अपने अहंकार से मुक्ति है।  यह आंशिक रूप से इसलिए है क्योंकि बहुत से लोग ,जो खुद को धार्मिक मानते हैं, अपनी आध्यात्मिकता व्यक्त करने के लिए इनमें से कुछ तरीकों का उपयोग करते हैं।

 हालांकि, यह हमेशा धर्म से जुड़ा नहीं होता है।  spiritual का अर्थ जानने के बाद, लोग आध्यात्मिक स्वतंत्रता का अनुभव करने के लिए ,खुद को एक उच्च शक्ति स्रोत(God) को समर्पित करते हैं।

 उनमें से कुछ विधियां ,आध्यात्मिक रूप से अधिक जागरूक बनाने के लिए हैं जैसे जप, प्रार्थना, मंत्र और विश्वास ।

3.PATH OF MEDITATION  (ध्यान का मार्ग)

 ध्यान सबसे आम तरीकों में से एक है, जिसका उपयोग लोग अपनी सच्ची व पवित्र आत्मा के ज्ञान को प्राप्त करके,खुद को बेहतर बनाने के लिए कर रहे हैं।  ध्यान के साथ-साथ सांस लेने की तकनीक, तपऔर जप का भी संबंध हैं, इस मार्ग से।

 इस साधना का आधार शांति है।  लोगों का मानना ​​है कि वे अपने जीवन में जो कुछ भी जमा करते हैं ,उसे इन विधियों के माध्यम से प्रसारित किया जा सकता है। 

इस तरह, रोज़मर्रा की ज़िंदगी की चुनौतियों से निपटना आसान हो जाता है क्योंकि सभी नकारात्मक विचारों को दूर करने का एक तरीका है। राज योग, नाद योग और बौद्ध धर्म इस साधना के कुछ उदाहरण हैं।

4.PATH OF SERVICE  सेवा का मार्ग

सेवा प्रकार की आध्यात्मिकता के समान, यह साधना सक्रिय निःस्वार्थता के बारे में है।परम मुक्ति तब मिल सकती है जब मदद भी करें और बदले में कुछ न मिलने की उम्मीद हो।

 

यह साधना आध्यात्मिकता के सेवा प्रकार के समान सक्रिय निःस्वार्थता के बारे में है । ये लोग किसी भी नियम से मुक्त होते हैं और लेने के बजाय देने पर ही भरोसा करते हैं।

 उनके लिए जीवन में किसी भी चुनौती या नकारात्मक स्थिति से खुद को छुड़ाने का यही एकमात्र तरीका है। स्वेच्छा से काम करना, रेड क्रॉस में मदद करना, जरूरतमंदों की मदद करना, विकलांग लोगों या बच्चों के साथ काम करना – किसी भी प्रकार का निस्वार्थ कार्य इस श्रेणी में आता है।

5.PATH OF ENERGY ऊर्जा का मार्ग

यह अभ्यास आपके शरीर और मन की शुद्धि के विचार के इर्द-गिर्द घूमता है।सभी प्रकार की विधियां हैं, जैसे कि ध्यान, श्वास, दैहिक तकनीक  इत्यादी।

 

इस अभ्यास में व्यक्ति अनेक प्रकार से spiritual  का अर्थ और आध्यात्मिक मार्गदर्शन,  प्राप्त कर सकता है।  कुछ लोग इसे प्राप्त करने के लिए अनुष्ठान व्यवहार या गतिविधि का उपयोग करते हैं, अन्य केवल अपने शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

चाहे क्रिया जो भी हो, लक्ष्य शरीर और मन दोनों को शुद्ध करना है।दैनिक जीवन में आपके सामने आने वाले विषाक्त तत्वों से मुक्त होना ही मुख्य उद्देश्य है।

निष्कर्ष (CONCLUSION)

Spiritual का अर्थ, प्रकार  व तरीके जान लेने के बाद ,समझ आया कि “आध्यात्मिकता का हमारे जीवन में  क्या योगदान है।”

अपने आध्यात्मिक स्वास्थ्य की देखभाल करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि आपका शारीरिक स्वास्थ्य। एक बार जब आप अपने आप को विषाक्त पदार्थों से मुक्त करने के लिए एक सिद्ध आध्यात्मिक विधि अपना लेंगे तो रोजमर्रा की चुनौतियों से निपटना आसान हो जाएगा।

 

इसलिए अध्यात्म के जो अलग-अलग प्रकार हैं,  हर कोई अपने लिए सबसे उपयुक्त प्रयोग कर सकता है।  आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने के लिए विभिन्न तरीके भी हैं।  जिससे आप आध्यात्मिक शांति प्राप्त करेंगे।

 

अंत में, यदि आप अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक और सकारात्मक तरीका चाहते हैं, तो हर दिन कुछ नया पढ़ें और सीखें।  आध्यात्म,ही जीवन का आधार है।

इस नश्वर संसार में  आत्मिक (रूहानी) ज्ञान  और आत्मज्ञान की प्राप्ति ही मुक्ति गृहण करने का एक ही उपाय है। संसारिक मोह को छोड़कर,शुद्ध वास्तविकता पर ही ध्यान केंद्रित करें,जो जीवन की परिस्थितियों से लड़ने की शक्ती देगा।

आत्मचिंतन ही आत्मज्ञान है।

नश्वर जीवन का आधार!

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