नेपोटिज़्म  क्या है?जाने, इसका   meaning(मतलब)  in hindi

नेपोटिज़्म  क्या है?जाने, इसका   meaning(मतलब)  in hindi

हमारे देश में जहाँ भ्रष्टाचार  पैर पसारने लगा है, उसी दायरे में  एक और शब्द भी गूँजने लगा है और वह शब्द है, “नेपोटिज़्म “। इस चकाचौंध से भरी दुनिया में अपनी खूबसूरती दिखाते हुए नेपोटिज़्म  भी किसी अत्याचारी से कम नहीं  है, जिसने देश की उन्नति में  एक बहुत बड़ी बाधा  उत्पन्न कर दी है।

इस आर्टिकल में  समझने की कोशिश करेंगे कि नेपोटिज़्म क्या है? Nepotism meaning ( in hindi) क्या दर्शाता है? हर क्षेत्र में  संलग्न होने के कारण ,किस तरह से हर व्यक्ति पर प्रभाव डालता है! हमारे देश में नेपोटिज़्म किस हद तक फैला हुआ है? 

Nepotism को hindi में क्या बोलते हैं? उन बातों पर भी गौर करेंगे जो Nepotism की आड़ में Bollywood और Politics को भी प्रभावित करते हैं!

आईये इस आर्टिकल के माध्यम से विस्तार से जानते है नेपोटिस्म के बारे मे और क्या होता है इस का अर्थ Aiye iss article ke duaara  vistar se jante hai nepotism ke bare  or kya hota hai iss ka arth  Nepotism meaning in hindi

Nepotism meaning in hindi:‐Origin:

            “Nepotism” italian word nepotismo से बना है। जिसकी latin रूट है, nepos अर्थात Nephew.

      17th Century में Catholic popes and bishops, ब्रह्मचर्य  का पालन करते थे और चर्च में  अपने Nephews को कार्डिनल ( mukhiya ) बना देते थे अर्थात चर्च मे विशेष पद पर नियुक्क्त कर देते थे। वहीं से “Nepotism “word का उदय हुआ।

नेपोटिज़्म क्या है? नेपोटिज़्म का हिन्दी में मतलब क्या होता है?

नेपोटिज़्म का अर्थ क्या है? Define Nepotism?

आजकल इस तरह के सवाल काफी वायरल हो रहे हैं । हर कोई जानना चाहता है,नेपोटिज़्म का अर्थ।नेपोटिज़्म का मतलब होता है, भाई-भतीजावाद, पक्षपात। अर्थात अपने पद के प्रभाव के अन्तर्गत, अपने ही लोगों को लाभ पहुंचाना।

नेपोटिज़्म  का अर्थ( हिन्दी में) समझना चाहे तो इसे कुटुंब परस्ति, रिश्तेदारों की तरफदारी या कुछ विशेष लोगों के द्वारा,अन्य लोगों के साथ भेदभाव का नाम दिया जा सकता है।

 या  Nepotism meaning (in hindi) के तौर पर कहा जा सकता है कि  गुटबंदी करके बाकी लोगों से पक्षपात करना भी नेपोटिज़्म है।

  • Nepotism is the bedrock of social existence. …

              (ADAM BELLOW)

भाई‐भतीजावाद या पक्षपात से आप क्या समझते हैं?

   

Nepotism meaning(in hindi)का ही दूसरा स्वरुप है, भाई- भतीजावाद। जो सरेआम अपने ही रिश्तेदारों को प्रोत्साहित करता है और योग्य और  काबिल उम्मीदवारों को Demotivate करता है। 

   

भाई-भतीजावाद हर क्षेत्र में फैला हुआ है, स्कूल,कालेज, business, politics, offices,  Bollywood. हर जगह पर नेपोटिज़्म के हजारों उदाहरण मिल जाते हैं।

एक उदाहरण के तौर पर, अगर आप एक बड़ी कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत हैं  और आप कुछ Employees को Hire करना चाहते हैं  तो आप Interview के लिये आये लोगों में  से केवल अपने जान पहचान या रिश्तेदारों को ही नियुक्क्त करते हैं बिना उनकी काबलियत देखे।

योग्य और  काबिल होने के बावजूद भी अन्य लोगों को एक तरह से भ्रष्टाचार का शिकार होना पड़ता है,जिसे दूसरे शब्दों में Nepotism कहा जाता है।

   

स्कूल या कालेज के अवार्ड functions में  भी अक्सर इस तरह का नेपोटिज़्म देखने को मिलता है। जिसमें  होशियार और काबिल विद्यार्थी को appreciate नहीं  किया जाता बल्कि उच्च पदों पर नियुक्क्त बड़े  लोगों के बच्चों को सम्मानित किया जाता है।छोटे-छोटे Business हो या बड़े Business,  हर जगह पर नेपोटिज़्म का बोलबाला है।

Nepotism in India

हमारे देश का अगर इतिहास उठाकर देखा जाए ,तो समझेगे कि कैसे वैदिक काल महान था।  परिवार के नाम के अलावा जन्म पर आधारित कुछ भी नहीं था।

एक सैनिक का बेटा पंडित हो सकता था और पंडित का बेटा अपनी प्रतिभा और रुचि के आधार पर बिजनेस मैन हो सकता था।  इसलिए आप कह सकते हैं कि कोई भाई-भतीजावाद नहीं था।  लेकिन.. हम इस बिंदु पर फिर से आएंगे।

 फिर आया मध्यकलीन युग।

 इस दौरान राज्य के सभी पदधारक और सभी अधिकारी या तो परिवार के सदस्य थे या राजा के करीबी थे।  भाई-भतीजावाद चरम सीमा पर था।  एक आदमी जो तलवार नहीं उठा सकता, वह केवल इसलिए सेना प्रमुख हुआ करता था,लेकिन Why? 

क्योंकि वह राजा का चचेरा भाई है।  लेकिन इस दौरान चंद्रगुप्त, छत्रपति शिवाजी और शेर शाह सूरी जैसे तथाकथित बाहरी लोग भी थे जिन्होंने राजा को भी गद्दी से उतार दिया।

 समय बदल गया और फिर आधुनिक इतिहास काल आया, जहां भाई-भतीजावाद और प्रतिभाशाली नए लोगों के उत्पाद कुछ प्रतिद्वंद्वियों और झगड़ों के साथ सह-अस्तित्व में थे। 

नेहरू थे और बोस, पटेल और अम्बेडकर भी थे जिन्होंने देश का चेहरा बदल दिया।  लेकिन आप अगले कुछ प्रधानमंत्रियों के नाम भी जानते हैं।  इस बार भी तथाकथित बाहरी लोगों पर भाई-भतीजावाद हावी हो गया।

 अब बात पर आते हैं..Nepotism का हिन्दी अर्थ (Hindi meaning of nepotism)क्या है?भाई-भतीजावाद क्या है? मैं एक उदाहरण देना चाहती  हूँ।कोई भी  व्यक्ति जिसके पास कड़ी मेहनत करने की इच्छाशक्ति है और उसके पास सही प्रतिभा है,

वह डॉक्टर हो सकता है।  लेकिन अगर उसके परिवार में डॉक्टर हो तो उसके सफल होने की संभावना अविश्वसनीय रूप से बढ़ जाती है।  उसे बेहतर मार्गदर्शन, बेहतर वातावरण और बेहतर साधन भी मिलेंगे।  तो क्या वह नेपोटिज़्म  है?

Nepotism in Bollywood

Nepotism kya hai

सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने भाई-भतीजावाद पर चर्चा छेड़ दी है और प्राकृतिक प्रतिभा बनाम स्टारकिड्स पर एक बहस छिड़ गई है। 

ऐसे भी आरोप हैं कि तथाकथित बॉलीवुड गिरोह (करण जौहर, सलमान खान, कपूर, आदि) ने एसएसआर को बाहर कर दिया था, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई।   भाई-भतीजावाद क्यों और कैसे प्रचलित है और

वास्तव में यह क्या है?  इसका हिन्दी में मतलब क्या है?

 जैसा कि कंगना ने कहा कि करण बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद के ध्वजवाहक हैं।  एक इंटरव्यू में आयुष्मान खुराना ने एक बार कहा था कि वह करण के ऑफिस गए थे लेकिन उन्हें ब्रेक नहीं मिला। 

उसे क्या बताया गया?  उन्हें बताया गया कि वे केवल स्टार किड्स को लॉन्च करते हैं।  अब आयुष्मान को हर कोई जानता है और उनके अभिनय कौशल के लिए उनकी काफी प्रशंसा की जाती है। 

अब आते हैं करण जौहर द्वारा लॉन्च किए गए कुछ स्टार किड्स की।  इनमें अनन्या पांडे, आलिया और वरुण शामिल हैं।  मैं यह नहीं कहूंगा कि हर स्टार किड एक बुरा अभिनेता है क्योंकि आलिया महान हैं।  लेकिन अनन्या का क्या?  अनन्या जैसे अभिनेताओं को सबसे खराब अभिनेताओं में से एक होने के बावजूद ब्रेक मिल रहा है और

आयुष्मान जैसे अभिनेताओं को इतना संघर्ष करना पड़ रहा है।  हालांकि करण ने तारा और सिद्धार्थ की तरह गैर-स्टार किड्स को भी लॉन्च किया है, लेकिन फिर भी वह अभिनेताओं के बच्चों के अभिनेता (राजा का बेटा राजा) होने का एक मुख्य कारण है, भले ही वे अभिनय नहीं कर सकते।

   

और भी उदाहरण विद्यमान हैं,जो इस लिस्ट में  शामिल है, जैसे अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर, जिसने सुशांत को इग्नोर किया, करण जोहर के टॉक शो में। राजकपूर जी का पूरा  खानदान, इस लिस्ट के टॉप पर है। खान और कपूर ही शहंशाह मनाए जाते हैं,Bollywood के!

शायद आप समझ ही गये होंगे , Nepotism  को Hindi में क्या बोलते हैं? यह चक्रव्यूह हओ क्या?

Nepotism in politics

राजनीति में यह आश्चर्य की बात है कि प्रतिभा को, प्रमुखता से पारिवारिक वंश के अधीन रखे जाने के बावजूद,आम जनता को इससे कोई आपत्ति नहीं है।  और, यदि संभव हो, तो यह प्रवृत्ति परिवार के कुलीन वर्ग के साथ सत्ता की 100% सीटें भरने का प्रयास करती है।

वास्तव में, उनके परिवार के लिए, एक भारतीय ,एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक शुभंकर है और परिवार उसकी लड़ाई की ताकत है।वर्तमान भारत के राजनीतिक परिवारों में,

सबसे ज्वलंत उदाहरण राहुल गांधी हैं जो दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पुत्र, दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पोते और पं.  नेहरू के करीबी।  ऐसे सैकड़ों उदाहरण आपको राज्य स्तर, जिला स्तर और पंचायत स्तर पर मिल जाएंगे। 

वे अध्ययन करने के लिए विदेश जाते हैं और राजनीतिक दलों में और बाद में सरकारों में विरासत में मिले, निर्विवाद, शक्तिशाली पदों पर लौट आते हैं। भाई भतीजावाद का सजीव उदाहरण हैं। राजनीतिक दल एक प्रकार का पारिवारिक व्यवसाय बन गए हैं।

 हाल ही में मैंने कहीं पढ़ा है कि लोकसभा में चुने गए अधिकांश सदस्य जिनकी उम्र 40 वर्ष से कम है, वे राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों से हैं।

 एक बार हल्के स्वर में राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण उनके लिए राजनीति में प्रवेश करना आसान है।  यह एक समस्या है और वह समस्या का लक्षण है।

भाई-भतीजावाद का लाभार्थी विभिन्न कार्ड गेम में एक ‘जोकर’ कार्ड की तरह होता है जो एक जंगली क्षैतिज प्रविष्टि लेता है और किसी भी स्थिति पर कब्जा कर सकता है। 

याद रखें कि कैसे राजीव गांधी अपनी मां इंदिरा गांधी की दुखद मृत्यु के बाद भारत के प्रधान मंत्री बने, जो प्रधान मंत्री थीं।  और उसके बाद हुए चुनाव में उन्होंने संसद में सबसे बड़ा लोकसभा बहुमत (411/542) जीता।  भारत की जनता ने जोरदार स्वागत किया। 

तो आप यह नहीं कह सकते कि भाई-भतीजावाद पूरी तरह से नफरत की घटना है।बाबा साहेब ठाकरे का बेटा उद्धव ठाकरे, लालू प्रसाद का परिवार भी भाई भतीजावाद की श्रेणी में  ही आते हैं।

निष्कर्ष ( Conclusion)

Nepotism meaning(in hindi) का अधययन करने के बाद स्पष्ट  हुआ कि हमारा देश किस तरह से नेपोटिज़्म के नाम पर भ्रष्टाचार में संलिप्त है।जिसका दोषी कोई और नहीं  हर वो हिन्दुस्तानी है, जो मूक होकर, चुप रहकर सब देखता रह्ता है।

हालाँकि, वोटिंग का अधिकार भी है, हर व्यक्ति के पास  और सही,गलत की पहचान करना भी। फिर क्यूँ  हम जानते हुए भी अन्याय सहते चले जाते हैं?

 है, कोई जवाब किसी के पास??

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