Pati-Patni Ka Rishta|पति पत्नी का रिश्ता कैसा होना चाहिए?

हर इन्सान को जीवन के विभिन्न मार्गों से होकर गुज़रना पड़ता है। कुछ लम्हें बचपन के तो कुछ युवावस्था। कभी वैवाहिक जीवन के मोड़ तो  कभी वृद्धावस्था।

हर मोड़ पर,जो रिश्तों का काफिला चलता है ना साथ, उन्हें विकसित करने के लिये आपसी समझ की आवश्यकता होती है। x हो, या दोस्ती का रिश्ता।

सच्ची भावनाएँ  और प्रेम ही सभी रिश्तों का आधार होते हैं। जिंदगी की कशमकश में कुछ रिश्ते छुट जाते हैं तो कुछ साथ रहकर भी अजनबी से लगते हैं।

  इस आर्टिकल में  हम बात करेंगे, वैवाहिक जीवन के बारे में,दांपत्य जीवन कैसे सुखमय बनाया जा सकता है? बारीकी से अध्ययन करेंगे,उन छोटी छोटी बातों पर, जो रिश्तों को खोखला कर देती हैं तो कभी वही छोटी छोटी बातें खुशियों का आधार बनती हैं,Husband wife relation में।

Pati-patni ka rishta/ pati patni ke rishte ke होने का अर्थ

Pati-patni ka rishta

दांपत्य जीवन अर्थात पति पत्नी का रिश्ता , एक ऐसा रिश्ता है,जिसे जिंदगी भर संजोये रखने के लिये, आपसी समझ और प्रेम की धूप से सींचना पड़ता है।

बहुत देखभाल करनी पड़ती है, एक Healthy relation के लिये। सबसे पहले हम बात करेगें,विवाहऔर  वैवाहिक जीवन की,कि किस तरह ये दोनों ही दो अलग मार्ग हैं।

विवाह के मार्ग पर  चलकर ही वैवाहिक जीवन का रास्ता खुलता है। विवाह-सूत्र में बंधने से पहले लड़के और लड़की को अपनी priorities तय कर लेनी चाहिये कि 1st priority क्या है फिर 2nd और 3rd priorities क्या हैं?

एक लिस्ट तैयार कर लेनी चाहिये,जो दूसरे बन्दे से आप चाहते हो। जब तक साथ ना रहे,किसी भी इन्सान को समझा  नहीं  जा सकता परंतु अपनी priorities को पहले ही बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहिये कि ये बातें मेरे लिये सबसे Important हैं,इसके लिये कोई भी समझौता नहीं किया जायेगा जैसे loyalty, respect, no extra marital affairs etc. पति पत्नी का रिश्ता क्या होता है?

 सवाल तो बहुत सरल लगता है परंतु इसका जवाब जानने के लिये बहुत गहराई में  उतरना  पड़ेगा। अक्सर लोग movies देखकर, unrealistic expectations रखने लग जाते हैं और भूल जाते हैं  कि  हकीकत में पति-पत्नी का पवित्र रिश्ता,कुछ अलग ही परिभाषा रखता है।

एक सच्चे रिश्ते को विकसित करने के लिये धैर्य, सहनशीलता, प्रेम , सम्मान और आपसी समझ की आवश्यकता  होती है।

पति पत्नी का रिश्ता कैसा होना चाहिये?(Pati-patni ka rishta)

पति पत्नी का संबंध मुख्य रुप से तीन  बातों पर  आधारित होता है,

1.आपसी समझ

2.विश्वास

3.सम्मान

जिस रिश्ते में Understanding और  Respect होती है, वही रिश्ता जिंदगी भर निभाया जा सकता है। Mutual understanding बड़ी  से बड़ी बात को भी सम्भालने की ताकत रखती है।

एक दूसरे के लिये सम्मान की भावना का होना भी अति  आवश्यक है। यही दांपत्य जीवन का आधार है। Husband wife के relation में  प्रेम और  संपूर्णता का आधार है, विश्वास।

खुश परिवार,कीमती तोहफों से नहीं ,प्यार के एहसासों से बनता है!

पति पत्नी के प्यार को दर्शाते हुए एक शायरा कहती हैं.

अँगूठी और नगीना

महज़ एक भरोसे की कड़ी नहीं,

साँसों से जुड़ी एक डोर है.

दिल से दिल का बन्धन,

जिन्दगी से जुड़ा,बेशकीमती नगीना है!

Husband‐Wife bonding kaisi honi chahiye?

Pati-patni ka rishta

पत्नी का धर्म क्या होता है?

पति का धर्म क्या होता है? इस तरह के सवालों को गौर करना बेहद आवश्यक है।

1. पति और पत्नी, दोनों  का धर्म है, एक-दूसरे का सम्मान करना। जो इस रिश्ते की नींव है।

2.एक-दूसरे की भावनाओं को समझना , जिससे रिश्ते में कड़वाहट नहीं होगी।

3.दोनों का फर्ज़ बनता है, एक-दूसरे के अलग अलग व्यक्तित्व का सम्मान करें।

4.हर Husband wife को चाहिये कि सभी जिम्मेदारियों के बाद भी एक दूसरे के साथ Quality time spent करें जिससे कि उनका रिश्ता और भी गहरा होगा।

5.Supportive system बने, एक दूसरे का। और मन  से एक दूसरे के दिल में जगह बनाने

की कोशिश करें।

6.हर परिस्थिति में एक दूसरे के लिये खड़े रहे,यही वो समय है जब आप अपनी सच्ची भावनाएं प्रदर्शित कर सकते हैं ।

क्या पति पत्नी का पिछ्ले जन्मों का रिश्ता होता है? क्या पति पत्नी का सात जन्मों का रिश्ता होता है?ऐसे प्रश्न को सुनकर तो ऐसा लगता है कि आखिर लोग जानना ही क्यूँ  चाहते हैं?

अतीत के पन्नों को खोलकर क्या जानना चाहते हैं कि  पिछले कितने जन्मों  से हम साथ हैं?अगर आप इस प्रश्न को साथ लेकर ही एक दूसरे के साथ रह रहे हैं तो ये बहुत ही बेहुदा सवाल है। उस इन्सान की कदर

करें, जो आपके साथ है, हर मुश्किल में  जिसने आपका साथ दिया। जिससे आप प्यार करते हो। इन बातों को एहमियत दीजिये, अपने वर्तमान को खुशहाल बनाये,अपने जीवन साथी के साथ रहकर।

क्या फर्क पड़ता  है, सात जन्मों से कौन आपका जीवनसाथी था? ये जिंदगी तो पहली और आखिरी सांस का सफ़र है, ना? फिर क्यूँ ना जिससे हम प्यार करते हैं, उसके साथ ही खूबसूरत यादें बनाई जाए। अतीत के काले पन्नों को कुरेदने का क्या फायदा?

“मेरे हमसफर”

मोहब्बत नाकाफ़ी है,कमियों को मेरी स्वीकार कर

कड़ी धूप में छाँव बन,ज़मी का मेरी आस्माँ बनकर

मुश्किलों के सफ़र में,हाथों में हाथ डाल मेरे साथ चल

आसाँ है ,मोहब्बत करना,निभाना उतना ही कठिन है

गर है मंजूर साँसों का सफ़र,ज़िंदगी का राहगुज़र बन!

पति पत्नी के रिश्ते में उतार चढ़ाव ( Husband Wife’s relation up and down )

 वैवाहिक जीवन यात्रा सुगम नहीं  है। इस सफ़र में  बहुत से उतार चढ़ाव आते हैं,जो life partners की mutual understanding  से पार  होते चले

जाते हैं। यही वो वक़्त होता है जो आपके रिश्ते का इम्तिहान लेता है।कभी ऐसा भी होता है,जब पति पत्नी के बीच दूरियाँ आ जाती हैं ,जिसके कईं कारण हो सकते हैं , लेकिन थोड़ी सी समझ से सब कुछ हल भी किया जा सकता है।हर पति पत्नी में पनपती हैं,कुछ शिकायतें,जिन्हें प्यार और  समझदारी से solve किया जा सकता है.

आपसी दखलंदाजी

 हर पति पत्नी के रिश्ते में यह स्वीकार करना बेहद आवश्यक है कि दोनों अलग अलग व्यक्तित्व वाले इन्सान हैं। दोनों की एक point पर अलग अलग सोच हो

सकती है। we are not perfect. एक दूसरे के काम के बारे में बुरा ना कहें । अपनी इच्छा भी एक दूसरे पर  ना थोपे। Husband wife को एक दूसरे से यही शिकायत रह्ती है। एक दूसरे पर इल्जाम लगाते हैं।

लेकिन इसका हल भी  ढूंढा जा सकता है। एक दूसरे को पूर्ण रुप से स्वीकार करें। इससे भी better होगा, एक दूसरे के differences को appreciate करें, सकारात्मक सोच के साथ। जिससे कि रिश्ते में प्यार और समर्पण बढ़ेगा। नींव और भी पक्की होगी।

बातें छिपाना

Husband wife bonding में  दरार  का मुख्य कारण है, एक दूसरे से बातें छिपाना। वैसे तो आम जिंदगी में  छोटी छोटी बातों से कोई फ़र्क नहीं  पड़ता परंतु जिन बातों से रिश्ता प्रभावित होता है।

ऐसी बातों को कभी भी एक दूसरे से ना छिपाये। यही दूरियों का प्रमुख कारण बनती हैं।अपनी समझ से ऐसी दूरियाँ कभी ना आने दे। अपना भरोसा खोने ना दे।

ऐसी कोई भी बात हो तो अपने जीवन साथी को जरुर बताएं, थोड़ी बहुत शिकायत हो जाए चाहे, फिर भी विश्वास कायम रहता है।

आपसी सम्मान

Husband wife relation में  बहुत जरुरी है, एक दूसरे का सम्मान करना। एक दूसरे के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाकर , अपने ही रिश्ते की कब्र खोदने को तैयार रह्ते हैं, दोनों। जो दूरियों की बड़ी वज़ह बनती है।

अगर आप एक दूसरे को प्रेम करते हो, ख्याल रखते हो ,तो कभी भी एक दूसरे की बुराई ना करें। एक दूसरे की कमजोरियों को कभी भी गुस्से में  ना कहें। चाहे आप एकान्त में हो या public  में, एक दूसरे का सम्मान बनाये रखें।

लालच या झूठ बोलना

  Husband wife के  रिश्ते में अगरलालच, झूठ, धोखा जैसी शिकायतें आने लगे तो समझ लेना चाहिये कि रिश्ते का कोई वजूद ही नहीं  रह गया।

अगर पति पत्नी का ध्यान केवल पैसे पर ही रहेगा, लालच जैसी प्रवृतियाँ जन्म  लेगी जो रिश्ते को अन्त तक पहुंचाने में  सहायक रहेगी। ऐसे किसी रिश्ते की कल्पना भी नहीं  कर सकते।

परंतु सवाल उठता है कि पति पत्नी के रिश्ते को मजबूत कैसे बनायें? पति पत्नी के रिश्ते को मजबूत करने के उपाए क्या है?  

For a successful relationship.

Pati-patni ka rishta

कुछ आदतों को अपनाकर, पति पत्नी के रिश्ते को एक सुन्दर आयाम दिया जा सकता है। पति पत्नी का रिश्ता , एक  सम्पूर्ण जिंदगी ही होता है, जिसे कैसे जीना है ये पूरी तरह से दोनों पर ही निर्भर करता है।

Priorities

एक successful relation का मुख्य आधार है, “Priorities “. रिश्ते में जाने से पहले तय कर लें,कि आपकी priorities क्या हैं? जिस पर कभी भी compromise नहीं  किया जायेगा।

Acceptance.

दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लियेबहुत जरुरी है, एक दूसरे को पूरी तरह से, अच्छाईयों और बुराईयों के साथ Accept किया जाए।

समझना होगा कि आप एक दूसरे की कमी को पर करने के लिये नहीं है, बल्कि दो अलग इन्सान है जिनकी एक अलग ही पहचान है। जो अपनी जिंदगी एक दूसरे के साथ बाँटने के लिये तैयार हैं।

Qualities.

  हर रिश्ते में समझदारी (understanding), विश्वास (Trust), धीरज(Patiences), और क्षमा(Forgiveness) का होना अत्यंत आवश्यक है। यही जीवन्त रिश्ते की पहचान है।

इसी पर जिंदगी भर का रिश्ता टिका होता है। जिस पर कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता। इन Habbits कोअपनाकर एक सुन्दर रिश्ते का निर्माण कर सकते है।

Discussions.

अपनी पूरी life किसी और इन्सान के साथ शेयर करना आसान नहीं  होता। परंतु अगर हम उस इन्सान से प्यार करते हैं तो तैयार हो जाते हैं, अपनी जिंदगी को साथ गुजारने के लिये।

जिंदगी हमेशा खुशी खुशी नहीं  चलती,कईं बार  कुछ बातों को लेकर Arguments भी हो जाते हैं। कभी बच्चों से सम्बंधित बात होती है, तो कभी रिश्तों को लेकर।

तो Better है कि ऐसी बातों को हंसकर टाल देना चाहिये,अगर ज्यादा बड़ी बात ना हो तो। गुस्सा आये भी तो उस situation को avoid करना चाहिये। अगर कोई गम्भीर मसला है तो दोनों को बैठकर Discussion करना चाहिये, सकारात्मक सोच के साथ। हल्का फुल्का वातावरण ही रिश्तों में  खुशी का आधार होता है।

Secrets.

Husband wife bonding  में  समझदारी और  धैर्य का होना बहुत जरुरी है। कभी भी अपने पार्टनर की कमजोरियों का उल्लेख बार बार मत करें। एक Successful relation तभी हो सकता है जब हीं अपने साथी की कमजोरियों को प्यार से सुधारने की कोशिश करें, बिना उसे hurt किये।

पति पत्नीं के बीच में  होने वाली  बातचीत को या नोक झोंक को कभी भी अपने कमरे से बाहर ना ले जाएँ। किसी भी तीसरे इन्सान को शामिल ना करें। और ज्यादा टाईम के लिये गुस्सा भी ना रहे।

हमेशा याद रखना चाहिये कि हमें रिश्ता तोड़ना नहीं  है। हमारी main priorities पूरी हो रही हैं तो, छोटी-छोटी बातों को रिश्ते को तोड़ने का जरिया ना बनाएं।

Respect

 पति पत्नी के रिश्ते में सम्मान का होना बहुत जरुरी है। Respect के बिना रिश्ताकमजोर होना शुरु हो जाता है। पति पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाने के लिये,हमेशा एक दूसरे के आत्मसम्मान को ठेस ना पहुँचाओ।

दूसरों के सामने तारीफ करें। Public में भी एक दूसरे का ख्याल रखें,एक दूसरे के Touch में रहें, जिससे रिश्ता और भी मधुर और  सुदृढ़ होगा।

loving moments.

 वक़्त गुज़रने के साथ, पति पत्नी को भी एक दूसरे की आदत हो जाती है। बिना कहे ही बहुत कुछ समझ लेते हैं। मगर अपने रिश्ते में एक Spark लाने  के लिये दोनों को ही try करना चाहिये। छोटे-छोटे Surprises देने चाहिये एक दूसरे को।

Hug ,Sorry, Thankyou,  I love you इन शब्दों को भी कभी ना भूलें। ये शब्द छोटे से लगते जरुर हैं,लेकिन दिल पर एक अलग ही Impact डालते है। दिल को खुशियों से भर देते हैं।

Intimacy.

Husband wife के रिश्ते का मुख्य आधार है, Intimacyअर्थात पति पत्नी का संबंध एक ऐसा रिश्ता होता है, जिस पर Physical relations का भी बहुत प्रभाव पड़ता है।

हर पति पत्नी को एक दूसरे की भावनाओं की कदर करनी चाहिये। पति का धर्म है कि वो अपनी wife की इच्छा को भी समझे। पत्नी को भी समर्पण  की भावना रखनी चाहिये।

एक अध्ययन से पता चला है कि  Physical relation भी एक जरुरत होती है, Mentally Satisfaction के लिये। इससे टेंशन और stress भी कम होता है।

 कभी कभी रिश्तों के बिगड़ने का मुख्य कारण भी बन जाता है।एक Successful relation के लिये husband  wife को एक दूसरे की इच्छाओं का सम्मान करना चाहिये, जिससे नजदीकियाँ बढ़ती है। और रिश्ता भी खूबसूरत बनता है।

निष्कर्ष (CONCLUSION)

एक कड़वी सच्चाई है कि खून के रिश्ते ही सबसे Important होते हैं,लोगों के लिये। परंतु पति पत्नी के रिश्ते को बरकरार रखने के लिये Physical relations बेहद आवश्यक हैं, एक दूसरे के करीब होने के लिये।नहीं  तो रिश्तों में  कड़वापन  आना शुरु हो जाता है।

वैवाहिक जीवन में  भी ऐसे कईं उतार चढ़ाव आते हैं, जब पति पत्नी का रिश्ता, कईं इम्तिहानों से गुजरता है। लेकिन अगर समझ और  भरोसे की डोर पक्की हो तो कोई भी तूफान प्यार के इस रिश्ते को मिटा नहीं  सकता।

प्यार भी है, जिम्मेदारी भी है अच्छी सूझ बूझ से husband wife मिलकर एक सुन्दर जीवन की रचना कर सकते हैं। प्रेम में आजादी होनी चाहिये, बन्धन और उम्मीदें रिश्ते को कमजोर कर देती हैं।

ATTACHMENTS LEADS TO SUFFERINGS.

LOVE WILL SET YOU FREE.❣

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *